Yogasan : योगासन

Yogasan(योगासन) : योग शब्द का अर्थ होता है जोड़ना अपने मन को परमात्मा से जोड़ना | आज के समय में योग का महत्व बहुत बढ़ गया है। प्राचीन काल से ही भारत अपने योगासन के लिए प्रसिद्ध है। आजकल के विज्ञानं और सरकार दोनों ने योग के महत्व को  समझा है |

योग शरीर के लिए मन के लिए कितना आवश्यक है ? हर वर्ष दुनिया भर में 21 जून  को विश्व योगा दिवस मनाया जाता है|

तनाव , चिंता अवसाद और विभिन्न प्रकार की बिमारियों से बचने के लिए लोग योगा का अपना रहे हैं। योग में कई प्रकार के आसन होता है, योगा करने से आपके शरीरी को बहुत फायदा होता है। आज हम आपको योग के फायदे और योगासन  के बारे मे बतायगे |

Yogasan  योगासन
Yogasan योगासन

benefits of Yogasan – yoga ke fayde

1. शरीर स्वस्थ रहता है : नियमित रूप से व्यामाम करने से आपका शरीर स्वस्थ रहता कई प्रकार के रोगों से छुटकारा मिलता है, योग शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखता है । 1

२. वजन कम करता है : योग करने से शरीर का वजन कम होता है। योग शरीर में बढ़ रहे फैट  को कम करता है। जिससे शरीर का वजन सामान्य रहता है।

3 . बी पी  को कंट्रोल करता है : योग करने से बी पी  के रोगीयों को बहुत फायदा होता है। जिन व्यक्तियों को हाई ब्लड प्रेशर या लो ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है उनको योग जरूर करना चाहिए। इसे बी पी कंट्रोल रहता है |

४. ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है : योग करने से आप अपने बड़े शुगर लेवल को घटा सकते हैं। आप अपने ब्लड  शुगर लेवल को कंट्रोल कर सकते हैं। शुगर के मरीजों के लिए भी योग बहुत लाभदायक होता है |

5.  रोग प्रतिरोधक क्षमता : अगर आप नियमित रूप से योग करते हैं तो आपके शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता सामान्य लोगो से ज्यादा होती  है। रोग प्रतिरोधक क्षमता  शरीर को बिमारियों से बचाता है।

जिससे आप बहुत कम बिमार पड़ते  है जिनका इम्युनिटी  सिस्टम कमजोर होता है। उनको योग अवश्य करना चाहिए | रोजाना योग करने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है |

६. तनाव, चिंता से राहत: मनुष्य को तनाव चिंता होना स्वाभाविक है। योग करने से तनाव चिंता और जीवन के अवसाद को कम करता है|

७. मानसिक शांति : योग करने से शरीर और मन दानों को फायदा होता है  नियमित रूप से व्यायाम करते है तो मानसिक शांति मिलती है |

८. शरीर में लचीलापन :  योग करने शरीर में लचीलापन आता है। योगासन में आप अपने शरीर का पूरा प्रयोग करते है जिससे आपका शरीर लचिला  बनता है।

9 . अधिक सजगता संग जीना : मनुष्य का मन हमेशा भूत और भविष्य के बारे में ही सोचता रहता है । वर्तमान के समय में व्यक्ति अपने आप को रख नहीं पाता और न ही वर्तमान के समय को अच्छे से जी पाता है |

ऐसे में आप योग की सहायता से इसे समस्या को कम कर सकते  है। साधारण रूप में मन की स्तिथि  में सजगता हमें तनाव से मुक्त  करती है। मन को शांति प्रदान कर कार्य क्षमता बढ़ाती है। योग व्यक्ति को वर्तमान में खुशी रहना सिखाता है|

१०. ऊर्जा में वृद्धि : दिन भर के कार्य से शरीर थक जाता है। चाहे युवा हो या बच्चा सभी को ऊर्जा की आवश्यकता होती  है। योग शरीर को ऊर्जा प्रदान  करता है। शरीर को चुस्त बनाता है |

11. कार्य क्षमता में बढ़ोतरी : योग करने से व्यक्ति में किसी भी कार्य को करने की क्षमता का विकास होता है।  वयक्ति ज्यादा कुशलतापूर्वक किसी भी काम को करता है। योग आपके पुरे शरीर में नई ऊर्जा का संचार करता है। योग का फायदा दैनिक जीवन में देखा जा सकता है।

12 मन की शांति : योग का अर्थ ही होता है जोड़ना  आत्मा को परामतमा से | व्यक्ति जब उस परम  पिता पमेश्वर से जुड़ता है तो व्यक्ति का आधे दुःख का निवारण वही हो जाता है|

इस भौतिक दुनिया में रहते हुए भी व्यक्ति उस ईश्वर और उसकी शक्ति को महसूस कर सकता है। तनाव ग्रस्त व्यक्तियों को अवश्य योग करना चाहिए|
१३.  बेहतर श्वसन  प्रणाली : योग करते समय सांसों का विषेस महत्व होता है। योग हमारे स्वसन क्रिया में सुधार करता  है।  जब आप योग करते है तो आपके फेफड़े अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य करते है जिससे श्वसन संबंधी कोर्ड बीमारी शरीर को नहीं होती है |

१४. रक्त  संचार सुधार:  योग करने से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है ।  शजब रीर में रक्त का संचार अच्छे से  होता है तभी आपका अंग बेहतर तरीके से काम करते है। शरीर का तापमान भी नियंत्रित रहता है हृदय संबंधी रोग, खराब लिवर मस्तिष्क आदि बिमारियों में योग लाभकारी होता है|

१५. पाचन तंत्र को सही रखता है : योग करने का एक सबसे बड़ा फायदा पाचन तंत्र को होता है। योग करने से पाचन तंत्र बेहतर कार्य करता है |

गैस की समस्या आज के समय में एक सामान्य समस्या बन गई है  यह बच्चे ,बूढ़े ,जवान ,पुरुष ,  स्त्री किसी की भी हो सकता है। खाना-पान गलत होने से भी गैस की समस्या हो सकता है। ऐसे में योग आपके  लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। नियमित रूप से योग आपको इस समस्य से निजाद दिला सकता है।

१६. माइग्रेन में लाभदायक :  अगर माइग्रेन का मरीज  योग करता है तो उसे सिर में होने वाले दर्द से राहत मिल सकता है योग मासपेशियों में आए खिचाल को कम करता है और  सिर तक प्राप्त मात्रा में ऑक्सीजन  पहुंचता है |

Yogasan  योगासन
Yogasan योगासन

योग के प्रकार  –  types of yoga in hindi 

योग मुख्य रूप से चार प्रकार के होते हैं|

 राज  योग

कर्म  योग

भक्ति योग

ज्ञान योग

कर्म योग के अनुसार हम सभी योग करते है|

राज योग : राज योग सभी योगों का राजा माना जाता सभी योगों में उत्तन राज योग को माना जाता है । योग व्यक्ति को ईश्वर से जोड़ता है।

राज योग के  द्वारा व्यक्ति अपने मन की चंचलता को  वश में करके अपने वर्तमान की चिंताओं  से मुक्त हो सकते हैं |

राज योग व्यक्ति में उत्पन्न होने वाले आशंकाओं, नक्रमकता, निराशा आदि को दूर करने में आपकी सहायता करता  है। व्यक्ति का मन इतना चंचल होता है कि वो किसी भी वस्तु पर ज्याद समय तक नहीं रह पाता भटकता रहता है।

राज योग इस भटकन को रास्ता दिखाता है। व्यक्ति के मन शरीर आत्मा को उस परम पिता पमेश्वर के चारणों में रोक के रखता है।

कर्म योग :  कर्म योग सभी करते हैं। क्योंकि प्रत्येक प्राणी अपने किसी ना किसी कार्य में लगा रहता है। कर्म करने को ही कर्म योग कहते है।

(योग: कर्मसु  कौशलम अर्थ है कर्मों का कुशलता से संपादन करना; वह कर्म नहीं  करना जिससे व्यक्ति ईश्वर से अलग हो जाए।

कर्म भी वो जो किसी लाभ की आश से ना किया जाए। सच्चा कर्म तो वो जी बीना स्वार्थ भाव से किया जाए। कर्म करते समय मन में बस सेवा भाव हो ।

हमारे पूर्वज एक मुहावरा सुनाते हैं कर्म करो फल की चिंता नहीं। अर्थात कोई भी कार्य करते  समय फल की चिंता ना करे | ईश्वर आपके कम का फल आवश्य देगा 1.  जो कर्म निस्वार्थ भाव से किया जाये वही कर्म योग है।

कर्म योग  करने वाले व्यक्तियों को  असीमित आनंद की प्राप्ती होती है।

कर्म योग करने से व्यक्ति भविष्य की चिंताओं  से मुक्त होता है अपने वर्तमान के समय का आनंद लेता है |

अपने वर्तमान को अच्छे से जीता है। जो व्यक्ति कर्म योग भी कुछ पाने की लालच में करते है वो वर्तमान मे भी खुश नहीं होते और भविष्य

की भी चिंता लगी रहती है|

जो कर्म खुशी मन से ना किया जाए तो उसका फल अच्छा कैसे हो सकता है ? गृहस्त जीवन के लिए सबसे अच्छा और सरल मुक्त का मार्ग है कर्म योग |

भक्ति योग :  भक्ति योग में व्यक्ति के मन का प्रयोग होता है। कोई व्यक्ति किस भाव से भक्ति कर रहा है। अगर भक्ति में भी स्वार्थ देखते है तो वह भक्ति योग नहीं बल्कि व्यावसाय है। भगवान से कैसे व्यवसाय |
भक्ति योग में भक्त पूरी तरह से अपने आपको ईश्वर के चरणों में समर्पण करता है | जिसमें भक्ति भाव के अलावा कोई भाव नहीं होता | मन की शांति के लिए आत्मा का परमात्मा से मिलना बहुत जरूरी है ।

भक्ति योग को करने वाले व्यक्ति भौतिक संसार में भी परम आनंद प्राप्त करता है। शक्ति के समीप रहता है। भक्ति योग में मन को शान्ति, शरीर में सकात्मक ऊर्जा, शुद्ध विचार और ज्ञान की प्राप्ती होती है।

ज्ञान योग : ज्ञान और स्वयं को जानना ही ज्ञान योग है। ज्ञान के माध्यम से ही ईश्वरीय स्वरूप का ज्ञान, वास्तविक सत्ये की प्रपात होती है| ये  ही ज्ञान योग का लक्ष्य है|

स्वामी विवेकानन्द में द्वारा रचित ज्ञानयोग वेदांत  के अंतर्गत सत्यों को बताकर वेदांत के सार  रूप में प्रस्तुत किया गया
ज्ञान योग में सच्चे ज्ञान की प्रापति ही लक्ष्य होता है। ज्ञान योग में अहंकार . मोह-माया, इझ्या देवेश नहीं रहता है। ज्ञान से ही मनुष्य का जीवन सफल होता है।

 अष्टांग योग :-

योग मुख्य रूप से आठ प्रकार होता है ।

यम (शपथ लेना )

नियम ( आत्म अनुशासन) |

आसन ( मुद्रा )

प्राणायाम ( श्वासन नियंत्रण)

प्रत्याहार ( इंदियों का नियंत्रण)

धारणा (एकाग्रता)

ध्यान (मेडिटेशन )

समाधि (बंधनो  से मुक्ति या परमात्मा की मिलन)

Yogasan  योगासन
Yogasan योगासन

 योग कैसे करते है  :-

योग करने के लिए कोई उम्र सीमा नहीं होती। आजकल हर  स्वस्थ रहना चाहता है। मानसिक शांति पाना चाहता है। आज काल का समय ऐसा तनात पूर्व है कि व्यक्ति काम कर थक जाता है और बोर होने लगता है।

व्यक्ति के जीवन उदानसीनता आने लगती  है। ऐसे समय में योग आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है। बस योग को नियमित रूप से करे वैज्ञानिक शोध से पता चला है अगर व्यक्ति 20 मीनट भी नियमित रूप से योग करता है|

तो उस  व्यक्ति का  शरीर और मन दोनो स्वस्थ रहते हैं। रोगों से शरीर बचता है तो तनाव से मन मुक्त रहता है। व्यक्ति अपनी जिंदगी  ज्यादा खुशहाली से जीता है |
योग कैसे करते है  सबसे बड़ा सवाल इससे आप बिल्कुल भी परेशान ना हो योग शुरू करने से पहले अपने नकात्मक बातों को अपने मन से निकाल दे ।

आपका वजन ज्यादा है कम है, आप बीमार है । या आपको लगता है कि योग का फायदा आपको मिलिगा की नहीं। इन  सब बातों को मन से निकाल दे।

योग करने से लाभ  जरूर मिलेगा हा  पर समय तोड़ा ज्यादा लगता है नियमितत बनाए रखनी पड़ती है। योग कोई दवाई नहीं जिससे एक दिन आपका तनाव खत्म हो जाएगा या मन शांत हो जाएगा |

आपने आप को और योग दोनो को समय दे|

योग करते समय ध्यान देने वाली बातें 

ढीले कपड़े : योग करते समय आप हमेशा ढीले कपड़े पहने 1 जो आपके शरीर के अनुसार कम्फ़र्टेबल हो हल्के रंग के कपडे योग करने  के लिए ज्यादा अच्छा होते है |

 स्थान : योग शुरू करने से पहले आप यह सुनिश्चित करें ले कि आप योग कहाँ करेगे | क्या को जगह  शांत है ? | अपने घर में सबसे शांत जगह पर ही योग करे। जगह को रोज रोज ना बदले इससे ध्यान आदि में कठिनाई भी हो  सकती है। आप चाहे तो खुली हवा मे भी योग कर सकते हैं ज्यादा फायदमंद रहेगा |

समय :  वैसे तो योग आप कभी भी कर सकते हैं लेकिन सुबह योग करने से सबसे ज्यादा लाभ प्राप्त  होता है।

सुबह व्यक्ति का मन शांत और शरीर में नई ऊर्जा बनी रहती है। सुबह मन विचारों से खाली रहता है ऐसे में आप योग अच्छे से कर  पाते हैं। सुबह समय नहीं है तो आप शाम को भी योग कर सकते हैं। कोशिश करे कि आप  सुबह ही योग करे |

योग आप एकांत में भी कर सकते हैं और समुह में भी। आप अकेले योग करते है तो आप ध्यान अच्छे से लगा पते  है। लेकिन एकांत में शुरुआत करने वाले व्यक्तियों के लिए थोड़ा मुश्किल होता है।

एकांत में व्यक्ति समय का पाबंध  नहीं रहता, नियमितत जल्दी नहीं बन पाती, व्यक्ति बोर भी होने लगता है इसलिए अगर शुरुआती स्टेज में है तो आप अपने परिवार या किसी समुह में योग कर सकते हैं।

इससे आप बौर भी नहीं होते। योग करते  समय 1 मन हमेशा प्रसन्न रखे चहरे पर मुस्कुराहट बनाए रखे । कहते हैं खुशी मन से किया गया कार्य हमेशा फलदाई  होता है।

Yoga  poses for increase Height – Height badhane ke liye yoga

आज के समय में हर व्यक्ति आकर्षित  दिखना चाहता है। अच्छा दिखने के लिए आप की हाइट भी बहुत  जरूरी होता है | जिस व्यक्ति की हाइट अच्छी है वो दिखने में ज्यादा आकृषक लगता है। कम हाइट वाले व्यक्ति में आत्मविस्वास कम होने लगता है। वैज्ञानिक तौर पर बच्चे की 18 वर्ष की उम्र तक हाइट बढ़ती है। इसके बाद भी बढ़ती है पर आप को लगता है कि आपकी हाइट कम है तो आप Yogasan(योगासन) द्वारा अपनी हाइट में कुछ इजाफा कर सकते है |

तो हम आपको उन Yogasan(योगासन) के बारे में बताते  है जिसे आपकी हाइट बढ़ सके

ताडासन 

शीर्षासन

सर्वासन

हलासन

चक्रासन

Height badhane ke liye आप इन योगासन का प्रयोग कर सकते है |

yogasan ke prakar:-

पद्मासन या कमल आसन:-

पद्मासन या कमल आसन में आपका पैर कमल के आकर  जैसे बनाने को कमलासन कहा जाता है। पद्मासन करने से आपको भूख अच्छी लगती है|  और भी बहुत लाभ होते है आपको इस योगासन को करने से |

ताड़ासन:-

ताहासन के नाम को ताड़ के पेड़ के नाम पर रखा गया है | इस आसन को करते समय हमारा पुरा शरीर  ताड के पेड़ के अमान दिखाई देता है | ताड़ासन मांसपेशियों और तंत्रिकायों को फैलाने में मदद करता है |

जिसके बाद आपको सभी प्रकार के आसन करने में सहायता मिलती है| ताडासन को माउंट पोज़ भी कहा जाता है |

इसका नियमित रूप से प्रयोग हाइट बढ़ाने  में मददगार साबित होता है। ये आसन बच्चो  के लिए बहुत  लाभकारी आसन है।

हस्तोसत्ताहनासन:-

इस आसन में हाथों को ऊपर की और फैलाया जाता है यह आसन  रीड़ की हड्डी को लचीला बनाता है और साथ ही कमर की चर्बी को काम करता है  हस्तोसत्ताहनासन हमारे फेफड़ों से संबध्ति बिमारीयों को दूर करने में सहायक है |

कटिचक्रासन:-

कटी  का अर्थ कमर होता है यह आसन अगर हम रोजाना करते हैं तो इसे हम अपने के कमर के साइज को बढ़ने से रोक सकते है |  यदि किसी को कमर दर्द की शिकायत रहती है तो ये आसन उसके लिए बहुत लाभदायक साबित होता है |

ये आसन कमर दर्द को कम करता है। ये आसन फेफड़ो  के लिए भी लाभदायक है |

त्रिकोणासन:-

जिन व्यक्तियों को कमर में दर्द की तकलिफ  होती है उनको ये आसन नियमित रूप से करना चाहिए |  इससे कमर दर्द में फायदा होगा |
त्रिकोणासन को आप  नियमित रूप से करके अपना वजन भी काम कर सकते है | ये आसन आपकी हाइट को बढ़ाने में मदद करता है |

वृक्षासन:-

वृक्ष का मतलभ पेड़ होता है|  इस आसन को करने के लिए आप पैर पे खड़े हो जाते है |  इस आसन को  रोजाना करने से आपके घुटनों और हडियो  के जोड को बहुत लाभ मिलता है। इस आसन से शिरिर में लचिलापन भी आता है। ये हमारे मन को शांत रखने का कार्य भी करता है |

पद्‌मासन:-

पद्‌मासन योग ये आसन ध्यान के लिए सबसे अच्छा आसन माना जाता है। इस आसन को करते समय हमारे शरीर की सारी गतिविधिया कम हो जाती है। पद्‌मासन हमारे शरीर के मानसिक शांत और एकाग्रता के लिए उत्तम आसन है |  इस आसन के प्रयोग से पेट में कब्ज की समस्या को दूर किया जा सकता है |

सिद्धासन:-

सिद्धासन योग इस आसन का महत्व हमारे आसनों में सबसे अधिक माना जाता है। इस आसन के प्रयोग से ही आप मोक्ष प्राप्ती की और जा सकते हैं|  हमारे शरीर और मन से कामवासना की खत्म करने में बहोत कारगर  है। इस आसन के प्रयोग से ब्रह्मचर पालन करने में सहायता मिलती है। यह आसन हमारे कोडनीयों के जागरण में भी लाभकारी है।

वज्रआसन:-

इस आसन को  ध्यान योग भी कहते हैं। इस आसन को करने से हमारे शरीर के पाचन तंत्र में  तेजी आती है। यह आसान रिंड की हड्डी को सीधा  रखते हुए हमें कमर के दर्द से भी बचाता  है।

भद्रासन:-

इस आसन की नियमित रूप से करने पे हमें कमर दर्द से  आराम मिलता है। इस आसन के करने से महिलायों की उनकी अनके समस्यों में भी लाभ मिलता है । इस आसन को करने से महिलायों को प्रसव में भी आसानी होती है|

सिंगहासन:-

यह आसन हमारे चेहरे और गर्दन के लिए बहोते लाभदायक है। यह आसन गला, आंख और पेट की मांसपेशियों के लिए भी अच्छा माना  जाता है|   भी आवाज की सुरिली अच्छा माना जाता है। इस आसन से अवाज को सुरिली बनाने में भी मदद मिलती है यह थाइरोइड केमरीजों  के लिए भी लाभदाय हैं।

वर्कआसन :-

ये  आसान भी हमारे रिड की  हडडी के लिए बहुत लाभ दायक है। यह रिङ्‌ की सक्रियता की बढ़ाता है। 1 यह आसन शुगर के रोगियों  के लिए बहुत  लाभकरी होता है।

 पश्चिमयोतासन:-

ये आसन हमारे पेट की मांसपेशियों को  मजबूत बनाता है  कब्ज, मोटापे को भी कम करता है|

उष्ट्रासन:-

उष्ट्रासन योग कमर दर्द और गरदन दर्द में बहुत लाभकारी होती है। यह आसन शरिर से चरबी कम करने वजन  घटाने में काफी मदद करता है ये आसन फेफड़ों के लिए भी अच्छा है |

मंडोकासन योग:-

मंडोक का अर्थ होता है मेंढक इस आसन में हमारा शरिर मेंढक के समान दिखाए देने लगता है | ये आसन हमारे पीठ के लिए बहुत अच्छा होता है | इसको करने से आप अपनी तोंद की भी कम कर सकते हैं। ये आसान हमारे पेट से जहरिली गैसों को निकालने में भी सहायता करता है।

भुजंगासन:-

इस आसन को कोबरा पोज़ भी कहा जाता है। इस आसन को करते समय आप का शरिर  के नांग के आकार  के जैसा दिखाई  देता है | 
यह आसन हमारे पीठ की पेंशियों की मजबूत बनाता है यह आसन स्लिप डिस्क  और पिट दर्द में बहोत अधिक लाभकारी है। इसको रोजान करने से  महिलाओ को स्त्रीरोग  आध्यात मिलती है दूर करता हैं। यह अभिभाराभ मजबूत करता है बहोत से त्रीरोगों की सहायता करता है। दूर कर

शलभासन:-

यह आसन हमारे पाचन तंत्र को  ठिक रखने में मदद करता है और कमर के दर्द को भी कम करता है पेट में कब्ज की शिकायत की भी दूर करता है। ये आसन दमा के मरीजों के लिए बहुत लाभकारी होता है और साथ ही हमारे फेफड़ो को भी ठीक रखता है |

धनुरासन:-

धनुर आसन में शरीर  एक धनुस के आकार के सामान दिखाई पड़ता है | इसलिए इस आसन को धनुरआसन कहा जाता है।  शुगर  के मरिज़ों के लिए ये आसन बहुत लाभदायक होता है |  यह आसन रीढ़ की हड्डी को मजबूत बनाता है और साथ ही पिठ दर्द को भी कम करता है | 

उत्तानपादासन:-

यह आसन अगर हम नियमित रूप से करते हैं तो ये हमारे शरिर से मोटापे को कम करता है  पेट के रोगों को भी दूर करता है |

पवनमुक्तासन:-

ये आसन भी मोटापे को कम करता है | हमारे पेट से जहरिली गैस को निकाल के कब्ज को दूर करने में लाभकारी होता है। ये आसन हमारे रीढ़  की हड्‌डी को भी लचीला  बनाता है।

सर्वांगासन योग –

इस आसन के प्रयोग से  उम्र बढ़ने की गति की कम किया  जा सकता है। बालों के सफेद होने  से परेशान है तो आपको ये आसन करना चाहिए इस आपको मदद मिलेगी, कब्ज हरनिया,  की समस्यों में भी लाभकारी है।

सेतुबंध सर्वांगासन

ये आसन पिठ दर्द को कम करने में उपयोगी है | जीन लोगो को डिप्रेसन की शिकायत होती है  उनको इस आसन को रुजाना करना चाहिए| बहुत  लाभकारी  होता है।

शीर्षासन:-

ये आसन  हमारे यादाश्त को बढ़ाने  और हमारी तंत्रिकाओं को मजबूत करने में  लाभकारी है। यह आसन आपके शारीर में हॉरमोन को भी बैलेंस करता है | 

नौकासन:-

इस आसन में शरीर  एक नांव के समान दिखाई देता है इसलिए इस आसन की नौकासन कहते हैं। यह आसन पेट की चर्बी  और कमर के आसपास की चर्बी भी कम करता है। यह आसन हमारे किडनी को ठीक रखने में बहुत मदद करता है | 

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