वक्रासन (vakrasana) योगा करने की विधि | फायदे

वक्रासन – Vakrasana in Hindi

वक्रासन संस्कृत के दो शब्दों के मेल से बना है। वक्र का अर्थ टेढ़ा होना या मोडना होता है । वक्रासन करते समय हम अपने शरीर को सामान्य रूप से मोड़ते है अर्थात् टेढ़ा करते है ।   

वक्रासन से शरीर की कई बिमारियों को कम किया जा सकता है। शरीर में लचीलापन आता है। शरीर और मन दोनों के लिए वक्रासन लाभकारी है।   

वक्रासन को हठ योग की श्रेणी रखा जाता है। इसे करना थोडा मुश्किल माना जाता है लेकिन नियमित अभ्यास से आप इसमें निपूर्ण हो सकते हैं।          

वक्रासन के बहुत सारे फायदे है। जो आपके शरीर को स्वस्थ , सुन्दर , मजबूत तथा आकर्षक बनाने में मदद करता है। वक्रासन में हम शरीर को टेढ़ा करते हैं लेकिन शरीर को इसका सीधा लाभ मिलता है।

Vakrasana in English 

वक्रासन को अंग्रेजी में Twisted Pose कहा जाता है। वक्रासन करते समय बॉडी Twist होती हैं। इसलिए इसे Twist Pose कहते है ।

वक्रासन कैसे किया जाता है ?

Vakrasana
© instagram /beauty-of-yoga

 वक्रासन हठ योग श्रेणी का योगासन है | इसलिए इसको करना कठिन होता है लेकिन इच्छा है तो आप कोई भी योगासन कर सके । नियमित अभ्यास से कुशल भी हो जाते हैं।

अगर आपको पहली बार करने से डर रहे लग रहा है या नहीं कर सकते तो किसी योगा ट्रेनर की सहायता ले सकते हैं। इससे  आप को योगासन करते समय कोई खतरा नहीं होता और योगासन की सही विधी भी जान लेते है ।

कोई भी योगासन को अगर आप सुबह खाली पेट करते है तो इसका ज्यादा फायदा मिलता है। कपडे हमेशा सुविधाजनक पहने स्वच्छ वातावरण में ही योगासन करे | 

वक्रासन करने की विधि

  1. योगा मेट बिछाकर आराम से बैठ जाये | 
  2. पैर सीधे रखे हाथों को कुल्हे के पास रखे ।
  3. अब दाएं पैर को उठाकर या मोड़कर बाए पैर के साइड में रखें।
  4. अपने दाएं हाथ को पीछे कंधे के सामने रखे | 
  5. बाएं हाथ दाये पैर से घुमाकर बाएं पैर के पंजो के साइड में रखे | 
  6.  आपका मुँह दाये हाथ के एक दम सामने होगा | 
  7. अपनी पीठ, जाधों, रीढ और बाजुओं पर खिचाव  का हसूस  करें | 
  8. धीरे-धीरे  सामान्य अवस्था में आए | 
  9.  फिर दूसरे पैरे  से भी पूरी क्रिया को दोहराय 
  10. इस अवस्था में २० से 30 सैकंड रहे आप बिगिनर है |
  11.  किसी भी अंग पर ज्यादा दबाव ना दे | 

 

Vakrasana
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वक्रासन का दूसरा प्रकार – Vakrasana  Type-2 

वक्रासन को आगे कई वेरिएशन में बांटा गया है। योग वैज्ञानिकों ने वक्रासन में ही थोड़ा बहुत परिवर्तन किया।  ताकि सभी व्यक्तियो के सरल हो सके |

जो वक्रासन आपको करने में सरल सहज लगे कर सकते है। वक्रासन का दूसरा प्रकार मुख्यता वक्रासन ही है बस थोड़ा बदलाव है |वक्रासन करने की विधि में

इस वक्रासन  में पहले प्रकार के वक्रासन के जैसे ही एक पैर सीधा और दूसरा पैर उसके ऊपर धूमा कर सीधे वाले पैर के दूसरी साइड  रखते है।

बस  हाथों को जमीन पर रखना है मुड़े हुए पैर के पंजो के पास ।

वक्रासन करते समय ये ना सोचे की पहले प्रकार का या दूसरे प्रकार का योगासन बेहतर है। वक्रासन के बहुत  ज्याद वेरियशन है आप किसी भी प्रकार से करते हैं तो इसका लाभ मिलता है |

 खड़े होकर वक्रासन – standing vakrasana

जिन व्यक्तियों को कमर दर्द या रीढ़ की हड्‌डी में दर्द रहता है |  जो बैठ कर वक्रासन नहीं सकते उनके लिए खडे होकर करने वाला वक्रासन है।

अंग्रेजी में इस standing vakrasana  कहते हैं जिसमे व्यक्ति आराम से खड़े होकर भी वक्रासन कर सकते हैं। इससे आपको आराम भी मिलगा और वक्रासन का लाभ भी मिलता  है।

तो चलिए standing vakrasana benefits और  विधि को जानते है | 

सामान्य रूप से खडे हो जाये | 

 अपने पैरो को जितना फैला सकते है 2-3 feet तक फैला ले ।

अब दोनों हाथों को चिन के समानंतर सीधा करे

कमर को सीधा सामने रखे और शरीर के कमर से ऊपर वाले हिस्से को अपनी बाई तरफ घुमाये | 

हाथ और सिर को भी घुमाये | 

 इसके बाद अपने बाएं हाथ को फैला ले पीछे की तरफ | 

 इस पोजिशन में आप कुछ समय सेकेड तक रहने की कोशिश करें ।

फिर यही क्रिया दाये तरफ से करें। अपनी सांस को सामान्य रखे | 

standing vakrasana benefits

  1.  जिन व्यक्तियों के कमर में दर्द रहता है उनके लिए लाभकारी है।
  2. नियमित रूप से करने पर कमर दर्द रीढ की छडी के दर्द से आराम मिलता है साथ ही हड्‌डी मजबूत होती है | 
  3. शरीर में रक्त संचार सही रहता है।
  4. गर्दन दर्द में भी राहत मिलता है | 

सावधानियां

वक्रासन करते समय अपने कमर के नीचे वाले हिस्से को नहीं मोड़ना है | 

किसी प्रकार की कोई परेशानी है तो वक्रासन ना  करें किसी भी अंग  पर ज्यादा दबाव  ना डाले | 

शुरुआती दिनों में योग प्रशिक्षक के उपस्थित में करे | 

 योगासन करते समय जल्दबाजी  ना करे और ना ही घबराए ।

चेहरे पर मुस्कुराहट के साथ करे | 

मासिक धर्म के समय महिलाए वक्रासन ना करे | 

Vakrasan information      

वक्रासन हठ योग की श्रेणी वाला योगासन है। इस आसन में व्यक्ति का शरीर Twist यानी मुड़ता है। वक्रासन को अंग्रेजी में Twisted pose कहते  वक्रासन सामान्यत करना थोडा कठिन होता १

शुरुआत मे किसी योगा प्रशिक्षक के उपस्थित में पड़ता है। वक्रासन एब्स को मजबूत करता है। शरीर में लचीलापन साथ ही पाचन क्रिया को मजबूत करता है वक्रासन में आपकी गर्दन सामने ना होकर बाई या दाई तरफ होती है | 

 

अर्ध मत्स्येन्द्रासन  – half spinal Twisted Pose     

 

अर्ध मत्स्येन्द्रासन तीन शब्दों के मेल से बना है जिसमें अर्थ का अर्थ आधा, मत्सय का अर्थ मछली और इन्द्र का अर्थ भगवान | अंग्रेजी में इसे Half spinal Twisted Pose कहते है।

अर्धमत्स्येन्द्रासन को करना बहुत कठिन होता है। योगा टेनर के उपस्थित में करे किसी बिमारी से ग्रस्ती व्यक्ति डॉक्टर की सलाह पर ही करें। 

अर्ध मत्स्येन्द्रासन और वक्रासन में थोड़ा बहुत ही अंतर  है। अर्ध मत्स्येन्द्रासन करने से रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है । पाचन क्रिया के लिए बहुत लाभकारी है|  

अर्ध मत्स्येन्द्रासन में पूरे शरीर में खिंचाल उत्पन्न होता है जिससे पूरे शरीर की मांसपेशियों की मालिस हो जाती है। शरीर स्वस्थ रहता है | 

अर्ध मत्स्येन्द्रासन और वक्रासन में भिन्नता

  1. अर्ध मत्स्येन्द्रासन में दोनों पैरो को मोडा जाता है जबकि वक्रासन में केवल एक पैर मुड़ता है दूसरा पैर सीधा रहता है।
  2. अर्धमत्स्येन्द्रासन में जो पैर ऊपर है वह छाती से लगा होता है वक्रासन में जो पैर मुडा हुआ रहता है उसमें पैर और शरीर के बीच में दूरी होती है | 
  3. अर्धमत्स्येन्द्रासन में दोनों पैर होते मुड़े होते हैं अर्थात् दोनों पर दबाव बराबर रहता है जबकि  वक्रासन में दोनों पैरो की स्थिती अलग-अलग होती है। इससे दोनों पैरों पर में खिचाव बराबर नहीं आता दोनों पर अलग- २ दबात पड़ता है| 

वक्रासन के लाभ – vakrasana benefits in hindi 

वक्रासन और इसकी विधि के बाद अब इसके लाभ को जान लेते है। हमारे शरीर के लिए किस प्रकार फायदेमंद है? कोई भी आसन स्वस्थ्य शरीर के लिए जरूरी माना जाता।

माहर्ष पतंजलि में अपने योगा मंत्र में योग कितना जरूरी है है हमारे शरीर के लिए विस्तार पूर्वक वर्णन किया है। प्राचीन समय हो या वर्तमान निरोग रहने के लिए योग जरूरी है।

एक योग केवल हमारे शरीर के किसी एक रोग को खत्म नहीं करता बल्कि शरीर की सभी रोगों से मुक्त करने में मदद करता ।

वर्तमान समय में फ़ास्ट फ़ूड से कितनी पेट सम्बन्धित समस्या हो जाती है।  हर व्यक्ति को किसी बात का तनाव या  टेशन रहता ही है।

स्वस्थ वातावरण ना होने के कारण शरीर में चिडाचडापन, गुस्सा सामान्य बात है। विभिन्न प्रकार की दवाईयो ने हमारे शरीर को अन्दर से खोखला कर दिया है |

इन सारी समस्याओं का एकमात्र समाधान हैं योग | अगर आप प्रतिदिन 45 मिनट तक कोई भी योगासन करते है तो इसका लाभ आपको दैनिक जीवन में देखने की जरूरी मिलेगा। योग शरीर को स्वस्थ और मन को शांत रखता है। 

 शरीर में लचीलापन : वक्रासन करने से शरीर में लचीलापन आता है। शरीर आकडा  नहीं रहता है शरीर में लचीलपन होने से व्यक्ति आकर्ष्क दिखाई देता है।

 मांसपेशिया मजबूत होती है : वक्रासन करते समय शरीर में  गर्दन , पेट , कमर, हाथ,  पैर में खिचाव  होता है | 

 जिससे सारे मांसपेसियों की मालिस हो जाती है | मांसपेसियों की  कार्यतता बढ़ती है। कोशिका एक्टिव  रहती है जिसे व्यक्ति तरोताजा दिखाई देता है | 

एब्स मजबूत :वक्रासनवक्रासन का सबसे ज्यादा फायदा एब्स को होता है। वक्रासन करने से एब्स मजबूत  होता है।

 कमर की चर्बी को कम करता है : जो व्यक्ति ज्यादा मोटे है। कमर के आस-पास ज्यादा चर्बी है उनको वक्रासन करना चाहिए । अगर वो कर सकते है तो या योगा प्रशिक्षक से परामश लेकर ही करे |

अधिक चर्बी होने से शरीर भद्दा दिखाई देता है वक्रासन करने से चर्बी कम होगी और शरीर आकर्ष्क दिखाई देगा | शरीर का वजन  भी सामान्य रहता है | 

 पाचन तंत्र मजबूत :

वक्रासन करते समय पेट की मांसपेशियों की कसरत  हो जाती है। वक्रासन से पाचन तंत्र मजबूत बनता है। ज्यादा भूख या कम भूख लगना सभी समस्याओं से छुटकारा मिलता है। कब्ज और गैस की समस्याया से भी राहत मिलता है | 

शरीर की गर्मी को शांत करता है :

वक्रासन करने से शरीर में जो अतिरिक्त ऊर्जा है वो बाहर निकलती है। शरीर के तापमान को सामान्य बनाए रखता है। शरीर को ठंडक मिलती है। जिसे मन शांत होता है।

डायबिटिक  में लाभकारी :

वक्रासन डायबिटीज वाले रोगियों के लिए भी लाभकारी माना जाता है नियमित अभ्यास से शुगर सामान्य  रहता है

 वक्रासन करते समय बरती जाने वाली सावधानी | 

  1.  डायरिया अस्तमा वाले मरीजों को वक्रासन नहीं करना चाहिए | 
  2. दिल के रोगियों को भी वक्रासन नहीं करना चाहिए |
  3.  हाई ब्लड प्रेशर वाले व्यक्ति को डाक्टर की सलाह के बाद ही वक्रासन करना चाहिए | 
  4. महिलाएँ मासिक धर्म के दौरान वक्रासन ना करें।
  5.  पेट का ओपरेशन हुआ है तो वक्रासन करने से बचें। 
  6.  गर्दन में दर्द हो या रीढ़ की हड्डी में तो वक्रासन ना करें।    
  7. गर्दन, और पैर में मोच है तो भी वक्रासन करने से बचे।

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