Surya mudra in Hindi

surya mudra  को जानने से पहले हम ये जान लेते हैं की मुद्राये दो प्रकार की होती है |  एक हस्त मुद्रा और दूसरी होती है यौगिक मुद्रा  | सूर्य मुद्रा हस्त मुद्रा के अंतरगत आने वाली मुद्रा है| 

surya mudra
surya mudra

   हमारे हाथों की प्रत्येक उगलियो में  एक तत्व विद्यमान होता है | हमारा शरीर पांच  तत्व से मिल के बना है|  हमारे शरीर के पांच तत्व है  पृथ्वी, जल, तेज, वायु आकाश |

सूर्य मुद्रा में हम अपने अंदर अग्नि को  जागर्ति करते हैं। और अग्नि तत्व हमारे अंगूठे में होता  हैं।

शरीर को  योग और मुद्रा से अनेक लाभ मिलता है | आप हमेशा निरोग रहते हैं तनाव से दूर रहते है| आप का जीवन   खुशियाली  भरा होता है| वजन कम करने हो या शरीर की सुस्ती ख़त्म करना हो सूर्य मुद्रा आपकी सहयता करता है| सूर्य मुद्रा करने से हमारे शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार होता है| 

सूर्य मुद्रा से भी आपको बहुत लाभ मिलता है। आप सूर्य मुद्रा को रोजाना अपने दिनचार्य  में शामिल कर सकते है |

आप को इसका लाभ जरूर मिलेंगा | रोजाना  योग अभ्यास से आप अपने शरीर को  फिट रख सकते है | भारतवर्ष में बहुत पहले से योग मुद्राएं को  किया जा रहा है हमारे ऋषि मुनि ध्यान से ही सिद्धि को पार्प्त करते थे | 

हमारे सभी ऋषिमुनि योग और ध्यान के बल पर ही हिमायल  जैसे जगह पर तप कर पाते हैं। सामन्यता लोगो को  इसका लाभ इतनी जल्दी  नहीं देखने को मिलेगा ।

लेकिन आप योग मुद्रा का अभ्यास  रोजाना करते हैं तो आप खुद अनुभव कर सकेंगे अपने अंदर के बदलाव को  | आप योग मुद्रा ,ध्यान आदि करके अपने आप को बहुत से लोगों से अलग कर सकते हैं।

जीवन में बदलाव के लिए हमें योग, ध्यान की सहायता लेनी ही होगी | 

surya mudra सूर्य मुद्रा करने की विधि :-

सूर्य मुद्रा करने के लिए आप अपने समय को देखते कभी भी कर सकते हो। आप सबसे पहले किसी साफ जगह पर योगामेट बिछाकर बैठ जाए।

ध्यान रखना है कि आप कि कमर और रीढ़ की हड्ड़ी बिलकुल सीधी  होने चाहिए |

आप सूर्य मुद्रा को  करने के लिए पद्मासन व  सिद्धासन किसी भी आसन में बैठ जाए ।

सूर्य मुद्रा की करने के लिए हमें अग्नि यानी हमारे अंगूठे वा प्रयोग करना होगा । 

सूर्य मुद्रा अग्नि और पृथ्वी दोनों तत्व को मिला कर किया जाता है | पृथ्वी तत्व हमारी अनामिका उंगली  जिसको हम रिंग फिगर भी बोलते हैं उसमे पाई जाती है | 

आपकों पृथ्वी यानि अनामिका उंगली को अपनी अंगूठे के मूल में  रखना होता है | 

फिर इसके ऊपर अपने अंगूठे से अनामिका उँगली को दबाना  होता है | 

बाकि सारी उंगलिया बिलकुल सीधी रखनी होती है । ऐसे सूर्य मुद्रा  करने की विधि पूरी होती है। आपको दोनों हाथों से ऐसा करना है | आप  को सूर्य मुद्रा का अभ्यास दिन में 15 से 20 मिनट तक करना चाहिए |  आप शुरू में 15-15 मिनट करके दिन में दोनों टाइम  कर सकते हैं। ऐसा  करने से आपको जरूर लाभ मिलता है |

surya mudra benefits in hindi  सूर्य मुद्रा के लाभ:-

सूर्य मुद्रा अपने नाम के जैसे सूर्य (अर्थात गर्मी ) शरीर में उर्जा बढ़ता है | 

सूर्य मुद्रा करने से हमारा पाचन तंत्र मजबूत होता है। 1 खाना आसनी से पच जाता है | 

हमारे शरीर से मोटापा  को  भी कम करता है | आपका वजन ज्यादा है तो आप सूर्य मुद्र को रोजाना करके वजन को कम कर सकते है।

शुगर के मरियों के लिए सूर्य मुद्रा का रोजाना इस्तमाल बहुत लाभदायक होता है |सूर्य मुद्रा करने से शुगर कंट्रोल में रहती है | 

सूर्य मुद्रा कोलेस्ट्रोल को भी कम करता है।

यदि आपके सर में दर्द  रहता है तो आपको ये मुद्रा जरूर करना चाहिए | ऐसा करने से आपको तुरंत आराम मिल जाता है | 

इसका अभ्यास करने से तनाव दूर  होता है।

पेट के अनेकों रोगो से  आपको दूर रखता है।

सूर्य मुद्रा का  नियमित अभ्यास के वजन होता है।

हमारे शरिर के पायन तंत्र ठिक रखता है | 

शारीर में सुजन को भी कम करता है। हमारे शरिर से अतिरिक्त चर्बी को  भी काम करता है  |

शरीर को  फिट रखता है

आपका स्वस्थे  हमेशा ठिक रहता है।

surya mudra for weight loss:-

सूर्य मुद्रा करने से हमारा पाचन तंत्र ठीक रहता है जिसे हम पेट के ना जाने कितने रोगो से दूर रहते है | पाचन तंत्र ठीक होता है तो आप का खाना आसानी से पच जाता है| 

सूर्य मुद्रा के अभ्यास से आप के शरीर में गर्मी उत्पन होती है जो हमारे पेट को खाना पचाने में मदद करते है | आप लगातार कुछ दिनों तक सूर्य मुद्रा करते रहे तो आप का वजन जरूर काम होगा |

इस मुद्रा से आप के शरीर से अतरिक्त चर्बी कम होती है | आप का वजन जल्दी काम होने लगता है | आप इसके प्रयोग से अपना वजन आसानी से काम कर सकते हो | 

 

 सावधानिया :-

अगर आपको हाई बी. पी की शिकायता होती तो आप सूर्य मुद्रा का ध्यान ना करें।

यदी आप ज्यादा  कमजोर है तो भी आप सूर्य मुद्रा  ना करे |

गर्मी  के दिनों मे इसका अभ्यास बहुत कम करें।

आप को एसिडिटी की शिकायत रहती है तो भी आप इस  मुद्रा को करने से बचे।

हर चीज के अपने लाभ और हानियाँ होती है तो आप कुछ सावधानियों को देखते हुए सूर्य मुद्रा कर सकते है | 

 आपको कुछ समय के बाद लाभ जरूर मिलेगा | बस आपको  लगातार अभ्यास करते रहना है

अगर आप पेट के रोगो से पेरशान है तो आपको सूर्य मुद्रा जरूर करना चाहिए आपको लाभ जरूर मिलेगा | 

सूर्य नमस्कार के बारे में जाने : सूर्य नमस्कार 

सूर्य मुद्रा और शून्य मुद्रा में क्या अंतर है ?

सूर्य मुद्रा और शून्य मुद्रा में लोग भर्मित रहते है | सूर्य मुद्रा में अनामिका उँगली को मोड़ कर अंगूठे से दबाते है जबकि शून्य मुद्रा में मध्यमा उँगली को मोड़ है | सुस्तीपन को ख़त्म करने काफी फायदेमन्द है | शून्य मुद्रा करने से कान दर्द  में भी राहत मिलता है | बहरे और मानसिक रूप से विकलांग लोगो के लिए बहुत लाभकारी है | 

what is the best time to do Surya mudra?

सूर्य मुद्रा आप दिन म कभी भी कर सकते हो पर आप किसी भी योग ध्यान मुद्रा को मॉर्निंग में करते है तो आपको ज्यादा और जल्दी लाभ मिलता है |

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