shirshasana benefits in hindi

Shirshasana (शीर्षासन) : सिर के बल किया जाने वाले आसन शीर्षासन कहते है | इस आसन  को करने के लिए  व्यक्ति को सिर के बल खड़ा होना होता है |

 शीर्षासन को सलम्बा आसन भी कहा जाता है | सलम्बा शब्द संस्कृत भाषा से लिया गया है जिसका अर्थ होता है ‘संतुलन’, ‘सहारा देना। शीर्षासन में शीर्ष का अर्थ होता है सिर और आसन का अर्थ होता है शरीर की मुद्रा । अंग्रेजी में शीर्षासन को हेडस्टैंड पोज़ (handstand pose ) कहते हैं।

शीर्षासन करने में जितना कठिन माना जाता है उतने ज्यादा इसके फायदे भी है। आज के समय में सबको आकर्षक दिखना  है। चेहरा अच्छा होना चाहिए, बालों का कलर आदि  | केवल शीर्षासन करके ही आप अपने शरीर को स्वस्थ और आपने आप को आकर्षक बना सकते हैं। नियमित अभ्यास करते है तो शीर्षासन भी बाकी आसान के तरह सरल लगने लगेगा | 

Shirshasana
Shirshasana

 

शीर्षासन करने से हमारे शरीर को बहुत लाभ प्राप्त होता है। किसी भी आसन  को आप सही तरिके से करते हैं तो इसका फायदा आपके शरीर को  जरूर मिलगा | योगासन करने से शरीर फायदा होता है| 

लेकिन इसका असर एक दिन में नहीं दिखता। कुछ समय नियमित रूप से अभ्यास  करने के बाद आप अपने शरीर में बदलाव अवश्य महसूस करेंगे|  

शीर्षासन की भी यही बात है। आप को  कुछ दिन मश्किल हो सकती  है लेकिन सामान्य रूप से  कोशिश और अभ्यास करे तो योगा टीचर  हमारे साधु संत गुरुओं के जैसे कर सकते है।

शीर्षासन से कई प्रकार की बिमारिया खत्म  होती है शरीर में ब्लड सरकुलेशन ठीक रहता है। चहेरे पर चमक, आँख की रोशनी सब ठीक रहता है| 

जिन को भी ऐसी कोई समस्या हो जैसे बाल झड़ना , चहेरा फिका पड़ना, तनाव, सफेद बाल गैस आदि की रहती है तो उनको अपने दिनचर्या में कुछ समय शीर्षासन को अवश्य देना चाहिए ताकि आपके  स्वस्थ शरीर के साथ आपका चेहरा भी आकर्षक लगे।

तो चलिए अब जानते है इतने सारे लाभ  देने वाले  शीर्षासन को करने की विधि  के बारे में |

Shirshasana
Shirshasana

 

shirshasana karne ka tarika :-> शीर्षासन करने की विधि 

किसी भी आसन को अगर आप सही विधि के  साथ करते हैं तो इसका लाभ आपक ज्यादा मिलेगा और आपके शरीर में कोर्ड विकृति भी नहीं आएगी।

  1. किसी साफ जगह पर दरी या चटाई बिछा ले | 
  2. वज्रासन  की मुद्रा में बैठ जाए।
  3. अब अपने दोनों हाथों को आगे की और जमीन पर रखे | 
  4. शीर्षासन करने से पहले अगर आप ( simple pose or Children Pose )करते है तो शीर्षासन करने में आसानी होगी इसलिख आपक इन दोनो आसनो को भी करना चाहिए |
  5.  अब दोनों हाथों को एक दूसरे में फंसा ले | 
  6. अपना सिर दोनों हाथों की हथलियों  के बिच रखे | 
  7.  अब अपने पैरे को धीरे धीरे ऊपर की मोड़े | 
  8.  मोड़ने  के बाद दोनों पैरो को ऊपर उठाते  हुए सीधा करे।
  9. अपने सिर कमर और पैरे को एक लाइन में सीधा करें ।
  10. अपना  सारा वजन सिर और हाथी पर रखे शरीर को संतुलित करे ।
  11. शुरुआत में समय सीमा एक मीनट रखे बाद में अभ्यास के साथ इस बढ़ाये | 
  12.  अगर आप शीर्षासन पहली बार कर रहे है तो किसी दिवार का सहारा अवश्य ले घर के किसी कोने में कर सकते हैं। योगा टीचर  की मदद अवश्य लें।

शीर्षासन करते समय अपने  पूरे शरीर को संतुलित करना होता है। आप एक दम से इस आसन मे निपूर्ण नहीं हो सकती इसलिए शीर्षासन को समय दीजिए।

शीर्षासन करने से प्राप्त होने वाले लाभों  के बारे में भी जाने लेते है । जब तक आपको  किसी आसन के लाभ के बारे पता नहीं होगा आप वह आसन करने  लिए प्रेरित नहीं हो सकते| 

तो  चलिए जानते शीर्षासन से होने वाले फायदों के बारे में | 

Shirshasana
Shirshasana

 

Shirshasana ke fayde – sirsasana  benefits 

रक्त संचार बढ़ता है -शीर्षासन करने से सबसे ज्यादा फायदा रक्त संचार में  होता है। हमारे सारे शरीर में रक्त के माध्यम से आक्सीजन पहुंचता है|  अगर हमारे रक्त संचार प्रक्रिया सही हो तो हमारे शरीर में ज्यादा शुद्ध रक्त तथा आक्सीजन पहुंचेगा ।

शीर्षासन करने से रक्त सुचार बढ़ता है जिससे हमारे शरीर में शुद्ध रक्त जाता है। कई प्रकार की बिमारी नहीं होती हृदय रोग जैसे घातक बिमारियों से भी बचाते है।

मांसपेशियों मजबुत बनती है – शीर्षासन में हमारे शरीर की सारी मांसपेशियों की अच्छी एक्सरसाइज हो जाती है। मांसपेशिया सक्रिय हो जाती है। शीर्षासन करने से शरीर की मांसपेशिया स्वस्थ व मजबूत  बनती है।

 याददाश्त बढ़ती है – शीर्षासन  हमारे याददाश्त को  बढ़ाने में मदद करता है। दिमाग ज्यादा समय तक बातों की याद रखता है। पढने वाले बच्चों के लि यह आसन ज्यादा लाभकारी है।

मन शांत  रहता है – शीर्षासन से मन शांत रहता है | व्यक्ति  का तनाव कम होता है। आपने पास हो रही घटनाओं से मन ज्यादा विचलित नहीं होता जीवन में सुकुन बना रहता है | शीर्षासन करने पर आप में कई तरह के गुण विकसित होगा जैसे सहनशीलता, तनाव को सहने की क्षमता आदि ।

बालों  का झड़ना, सफेद होने से बचाता है – शीर्षासन  अगर नियमित रूप से करते  है तो बालों की झड़ने की समस्या से  छुटकारा मिलता है इसके साथ ही असमय बालों को सफेद होने से भी बचाता है।

आज कल का खान पान ऐसा है कि समय से पहले बच्चो में भी बालों का झड़ना उनमें सुखापन और सफेद होने की समस्या सामान्य हो गई है ।

लेकिन शीर्षासन करके इन परेशनियो से छुटकारा पा सकते है | बालों  को लंबा  और काले रखने के लिए शीर्षासन कर सकते है । जिससे  आपकी सुन्दरता में चार चांद लग जाएगे | 

चेहरे की चमक तेज़ करता है – शीर्षासन का फायदा हमारे चेहरे पर भी  देखा जा सकता है। चेहरे  पर तेज चमक आती है | चेहरे  का रूखापन खत्म  होता है जिससे आप का चहेरा अच्छा दिखता है। आपको आकृषक देखने में मदद करता है | 

महिलाओं में राजोनिवृत्ति की संबंधित समस्या को काम करता है – जो महिलाए शीर्षासन करती है उन में राजोनिवृति से संबंधित समस्याओं को खत्म  या कम करता है।

महिलाओं में रजोनिवृति प्रक्रिया ४० -५०  साल के बीच में होती है |  इस दौरान महिलाओं  कई प्रकार की समस्याओं का सामना करती हैं। शीर्षासन करने से ऐसी समस्या कम होती  है।

चेहरे  पर शकावट झूरिया काम करता है – शीर्षासन करने से चहरे पर चमक तो आती ही है साथ ही काम करने की वजह से जो आपके चेहरे  पर शकावट दिखती है उससे भी शीर्षासन काम करने मे मदद करता है।

चेहरे के लिए सबसे अच्छा आसनो में शीर्षासन की गिनती होती है। शरीर में रक्त संचार ठीक रहता है| 

चेहरे  पर जल्दी झरिया नही आती काफी समय तक जवान बनकर रहते है | 

सम्रण शक्ति , एकाग्रता उत्साह ,स्फूर्ति , आत्मविश्वास और धैर्य बढ़ता है | 

शीर्षासन के लाभ के बारे मे जानने के बाद इसके  सावधानियों पर भी ध्यान देना चाहिए जिससे आप इस आसन का ज्यादा से ज्यादा लाभ प्राप्त हो सके  | 

शीर्षासन वैसे तो कोई भी कर सकता है लेकिन कुछ रोग है जिसमे आपको शीर्षासन नहीं करना चाहिए जैसे सिर दर्द, गर्दन में कोई समस्या आदि | 

ब्लड प्रेशर वाले रोगियों को भी शीर्षासन करने से बचना चाहिए। इसमें  शीर्षासन  करने  से आपके स्वास्थ बिगड़ सकता है | 

 आँखो  से संबंधित कोई समस्या है तो भी शीर्षासन नहीं करना चाहिए | 

शीर्षासन करते समय कोहनी को ज्यादा नहीं चौड़ी नहीं करनी चाहिए | 

सांस जल्दी जल्दी ना ले 

स्पाइनल पर अधिक भर ना दे  है। 

महिलाओं  को मासिक धर्म के समय और गर्भावस्था के दौरान शीर्षासन नहीं करना चाहिए। माहिलाएं राजधिर्म की अवधि में भी ना करें।

उच्च रक्त चाप वाले व्यक्ति या जिनको बार-बार चक्कर आता उन्हें शीर्षासन नहीं करना चाहिए ।

रीढ़  संबंधी समस्याओं में  बिना किसी योग प्रशिक्षक की मौजूदी से इसका अभ्यास करने से बचे।

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