शशांकासन योग विधि और लाभ | Shashankasana in hindi

शशांकासन योग – Shashankasana in hindi

शशांकासन (Shashankasana )दो शब्द को जोड़ने से बना है | शशांक जिसका अर्थ ‘चन्द्रमा’ और आसन जिसका अर्थ मुद्दा होता है। केवल शंशाक में भी दो शब्द है  शशा जिसका अर्थ खरगोश और अंक जिसका अर्थ गोद होता है।

इस आसन में हमारे शरीर की आकृति खरगोश के जैसे होती है इसलिए इस Hare pose, Rabbit  Pose भी कहते हैं। इस शशांकासन को करने से चन्द्रमा जैसी शीतलता मिलती है | 

मन शांत होता है इसलिए इसे moon Pose भी कहते हैं। शशांकासन को कई नामों से जाना जाता है। आप किसी भी नाम से कर सकते है लाभ आपको पूरा शशांकासन जैसा ही प्राप्त होगा |

शंशाकासन करने से व्यक्ति में क्रोध , तनाव , चिंता चिडचिडापन खत्म होता है|  मन को शांति मिलती है। शरीर शितल होता है। नकरत्मक विचार खत्म होते हैं। पैरों को आराम मिलता है। दिमाग भी तरोताजा रहता है | 

 शशांकासन भी चार प्रकार के होते यानि चार तरिकों से आप इसको कर सकते हैं|  सभी के लाभों में कुछ अंतर है। आप सिंपल वाला भी कर सकते है | 

Shashankasana
© instagram/yoga _journey19

 

शंशाकासन से पहले आप वज्रासन या भुजंगासन कर सकते है। शंशाकासन को कई लोग बालासन Child Pase भी कहते हैं। शंशाकासन करने में बहुत सरल है कोई भी व्यक्ति आसानी से सिख कर कर सकता है | 

जो लोग योगासन  की शुरुआत करना चाहते है उनको अपने योगासन में शंशाकासन को अवश्य शामिल करना चाहिए । शशांक भुजंगासन को स्ट्राइकिंग कोबारा पोज़ कहा जाता है।

यह आसान शंशाकासन और भुजंगासन को मिलाकर बना है इसमे शरीर की आकृति मेडक के समान होती है। खरगोश और मेढ़क की आकृति के बीच को शशांक भुजंगासन कहते हैं।

कौन कर सकते है :

शंशाकासन करने में बहुत आसान है तो इस कोड भी व्यक्ति आसानी से कर सकता है |  हर उम्र के व्यक्ति के लिए लाभदायक है | 

 फिर भी कई लोगों का उसका (शंशाकासन) का विशेष लाभ प्राप्त होता है जैसे।

तनाव वाले व्यक्ति जिनका मन बैचैन रहता हो ।

पढ़ने वाले व्यक्ति महिलाओं और बच्चों के लिए भी बहुत  लाभकारी है 

कौन नहीं कर सकता  :

  1.  हाई ब्लड प्रेशर वाले व्यक्तियों को योगा प्रशिक्षक सलाह के बीना ना करे | 
  2. गर्भवती महिलाएं सावधानीपूर्वक करे | 
  3. दिमागी रोग वाले व्यक्ति भी शंशाकासन को न करें | 
  4. मोतियाबिंद जिनको है वो भी ना करें | 
  5. जिन व्यक्तियों को ज्यादा चकर आने की समस्या है वो भी इस आसन को ना करे | 
  6. स्लिप डिस्क वाले रोगी भी इस आसन ना करे ।

शंशाकासन योग की विधि – shashankasana steps in hindi 

शशांकासन को साधारण योगासन श्रेणी में रखा गया है । इसे करना बहुत आसान है कोई भी कर सकता है। तो चलिए शशांकासन को कैसे करते हैं जानते हैं। शशांकासन बिगनर्स के लिए सबसे अच्छा आसन  माना जाता है | 

  1.  सबसे पहले आप नीचे दरी बिछाकर वज्रासन में बैठ जाएं | 
  2. सांस लेते हुए दोनों हाथों को ऊपर उठाए ध्यान रहे हाथ अलग-अलग हो | 
  3. अब सास छोड़ते हुए दोनों हथेलियों को आगे जमीन पर नीचे रखे ।
  4. बैठते वक्त ध्यान रहे की अपके शरीर का पूरा वजन दोनो पैर की जांघो पर हो ।
  5. पीछे से एडीया खुली और अंगूठे दोनो सटे हो एक दूसरे से | 
  6. अपने छाती को घुटनों के पास रखे । सिर नीचे जमीन पर | 

शशांकासन के प्रकार – shashankasana types in hindi

शशांकासन चार प्रकार से होते हैं इसको करने के चार तरिके हैं।

पहला जो आपको ऊपर बताया गया दूसरे में शशांकासन में बस अपने हाथों को पीछे पीठ के नीचे दोनों को जोड ले फिर सांस छाड़ते आगे की तरफ सिर नीचे टिकाये | दुसरे में हाथ पीछे की तरफ रहेगा | 

तीसरे शशांकासन में आप अपने हाथों को बाधकर आगे पेट के पास रख लें | उसके बाद सामने की और झुके । चौथे चौथे शशांकासन में भी बस हाथों की क्रिया  बदलगी बाकि सब समान ही रहेगा |

चौथे शशांकासन में दोनों हाथों को  सांस लेते हुए ऊपर उठाकर नीचे जमीन पर रखते समय अपने हाथों को मुठ्ठी बांधकर जमीन पर रखें। चारों में से आप कोई भी आसन कर सकते है जो आपको अच्छा लगे ।

शंगानासन के लाभ/फायदे  –  Benefits of shashankasana

शशांकासन करने में आसान है उतने ज्यादा इसके फायदे हैं। आप इस आसन को करके कई तरह के लाभ पा सकते है आप कभी भी एक ही प्रकार का आसन ना करे | 

कम से कम 30 मिनट रोज योगासन करे जिसमे आप कई तरह के योगासन करे सकते है | केवल एक ही योगासन करने से ज्यादा लाभ प्राप्त नहीं होता । अपने शरीर और मन को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना 30 मिनट योगासन  करे । शशांकासन से आप शुरुआत कर सकते हैं।

Shashankasana in hindi

शंशाकासन के लाभ – shashankasana ke fayde

तनाव कम होता है  : शंशाकासन का सबसे ज्यादा फायदा होता है हमारे दिमाग को जितनी भी तनाव चिंता है सब खत्म हो जाता है । मन शांत रहता है | 

दिमाग को आराम मिलता है। जिस व्यक्ति को ज्यादा चिंता  या तनाव रहता है उनके लिए शशांकासन बहुत फायदेमंद है। करने में भी काफी सरल है।

मन शांत रहता है : जब व्यक्ति के मन से बेकार की चिंता, तनाव खत्म हो जाता है तो मन अपने-आप शांत रहने लगते है। चेहरे पर खुशी का भाव दिखाई देता है | 

 क्रोध को नष्ट करता है : जो व्यक्ति बात बात गुस्सा या क्रोधित हो जाता है उनके लिए  शशांकासन रामबाण इलाज है। शशांकासन ऐसे व्यक्तियों के लिए बहुत लाभकारी है| 

जिनको जल्दी गुसा आता है। शशांकासन करने से बेकार की टेशन खत्म होती है मन प्रसन्न रहता है व्यक्ति को क्रोध भी खत्म हो जाता है।

 बैचेनी घबराहट : शशांकासन करन करने से ऐसी व्यक्तियों को भी बहुत लाभ मिलता है जिनका मन बेचैन रहता हमेशा धबराहट रहती है| 

किसी भी नए कार्य को करने से घबराते हैं। ऐसे व्यक्तियो को अपने दिनचरए में शशांकासन को जरूर शामिल करना चाहिए | शशांकासन से मन की सारी घबराहट बैचेनी खत्म हो जाती है।

कब्ज की समस्या से निजाद : शशांकासन के तीसरे प्रकार को करने से कब्ज की समस्या खत्म होती है।
तीसरे शंशाकाशन में जब मिट्टी बंद करके अपने पेट के नीचे रखकर आगे की झुकते हैं तो हमारे पेट के मांसपेशियों की हल्की सी मालिश होती है जिससे कब्ज की समस्या खत्म हो जाती है | 

रक्त संचार बढ़ता है : शशांकासन करने से शरीर में रक्त संचार बढ़ता है। शशांकासन हमारे रक्त संचार प्रणाली के लिए बहुत लाभकारी है। इसे करने से शरीर शुद्ध रक्त का संचार होता है।

शशांकासन प्रजनन अंगों के लिए : शंशाकासन करने से प्रजनन अंग मजबूत होते हैं। यह प्रजनन अंगों को पुष्ट करते हुए प्रजनन से सम्बंधित बहुत सारी परेशानियों से बचाता है।

हृदय रोगियों के लिए : शशांकासन के नियमित अभ्यास से हृदय रोग में बहुत आराम मिलता है। हृदय रोग है    ग्रसित व्यक्तियों को शंशाकासन जरूर करना चाहिए| 

 मेमोरी बढ़ती है :  यह आसन शशांकासन आँखों और दिमाग के लिए बहुत लाभकारी है। इसे मस्तिष्क में खून की पूर्ति होती है जिससे दिमाग की स्मरण क्षमता का विकास होता है।

फेफड़ो को मजबूत : शशांकासन करने से फेफड़े मजबूत होते  है फेफड़े की कार्यक्षमता बढ़ती है।

 पेट मजबूत होता है: शशांकासन करने से पेट की मांसपेशियों की मालिश होती है उनमें खिचाव उत्पन्न होता है जिसके कारण हमारा पेट मजबूत बनता है।

सावधानियां :

  1. हर्निया वाले व्यक्तियों को शशांकासन नहीं करना चाहिए| 
  2. हाई ब्लड पेरसर वाले मरीजो को सावधानी  पूर्वक करना चाइये |
  3. चक्कर आने पर इस योगासन का अभ्यास न करे | 

 

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