Samarpan Meditation kya hai : Samarpan Meditation in Hindi

Samarpan Meditation kya hai ?

Samarpan Meditation  आज  की जीवनशैली इतनी बदल गई  है कि इंसान के मन में तनाव , चिंता , क्रोध , मोह आदि का आना स्वाभाविक हैं।

आज के समय में अगर आपको लगता है की समस्या चिंता केवल आपको ही है तो आप गलत सोचते है।

आज के समय में हर व्यक्ति को तनाव रखता है और ये  स्वभाविक भी है क्योंकि इस उम्र युवाव्यवस्था घर परिवार की चिंता , पढ़ने वाले है तो भविष्य की चिंता सभी को होती है ।

लेकिन कई व्यक्ति योग द्वारा ध्यान द्वारा अपने चितांव तनाव को  कम कर सकते है अपने मन को प्रसन्न रखते हैं।   भौतिक दुनिया में होते हुए  ईश्वर से जुड़े रहते हैं। और यह केवल ध्यान  द्वारा सम्भव है |

Samarpan Meditation
Samarpan Meditation

टेबल ऑफ़ कॉन्टेंट 

१.Samarpan Meditation kya hai .

२.Samarpan Meditation करने की विधि | 

३.Samarpan Meditation के लाभ –  Samarpan Meditation benefits 

समर्पण ध्यान जैसे की नाम से ही पता लग रहा है कि समर्पण करना हैं। लेकिन वो क्या ? और किसे समर्पण करना है यह भी जानना जरूरी है
समर्पण यानि अपना सबकुछ (गुण, अवगुण लोभ,लालच मोह-आशा, काम, क्रोधण्या आशा ) भगवान के चरण में समर्पित करना अपने आप को जीरो मानना है ।

उस  परमपिता  के चरण में अपने आप को समर्पित  करना  । अपने आप को खो कर ईश्वर को पाना 1 भौतिक दुनिया में रहते हुए भी उस परमात्मा  को अपने अन्दर खोजना या पाना है  ।

कहते हैं समर्पण सबसे बड़ी भक्ति (पूजा) है | अगर कोई व्यक्ति अपने आप को ईश्वर को समर्पित करता है तो भगवान के लिए इससे बड़ी कोई पूजा नहीं होगी।

बहुत पहले हिमालय में रहने  वाले साधु संतो ने समर्पण ध्यान को खोजा था |  यह सबसे सरल  आसन है। इसको  बड़ा, बच्चा, शरीर से दुबला , ताकतवर सब  कर सकते हैं।

ऋषियों ने समर्पण ध्यान विशेष रूप से सामाजिक जीवन में रहने वाला लोगों के लिए बनया  था  | ताकि व्यक्ति संसार को, समाज को बनाए रखने के साथ-साथ ईश्वर की विराटता का अनुभव भी कर सकें ।

अपने आप को ईश्वर के चरण में समर्पित करके अपने चितावां को कम कर सके अपने अन्दर संचालित होने वाली ऊर्जा को समझ सके । पाँच तत्व की महत्व  का जाने सके  समर्पण ध्यान बहुत सरल तथा जीवन के लिए उत्तम माना गया है।

सामान्य लोगों को शुरू करने में. थोडी कठिनाई हो सकती है। लेकिन कुछ समय बाद आपको उस ईश्वर से जुड़ने का अनुभव होगा |

Samarpan Meditation करने के लिए

सही स्थान :  समर्पण ध्यान  करने से पहले आप इस बात का ध्यान अवश्य रखे  कि जिस जगह पर आप ध्यान करने वाले है वो जगह शांत, साफ-सुधारा तो है ना | अगर स्थान  सही होगा तो ध्यान करने में आसानी होगी  |

समय : वैसे तो आप समर्पण ध्यान कभी भी कर सकते है अच्छा ही होता है लेकिन सुबह आप कोई ध्यान करते है तो आपको  ज्यादा लाभ मिलता है। सुबह ब्रहम मुहर्त  में सबसे अच्छा माना जाता है। इस समय वातावरण शांत रहता है ।

कपडे: समर्पण ध्यान करते  समय हमेशा ढीले कपड़े पहने चाइये फीके  रंग के कपडे पहने इसमें आप की ऊर्जा केन्द्रत जल्दी होती है
कोई भी चीज जैसे , गहने, घडी आदि ना पहने |

बैठने : जमीन  पर आप चाहे तो कोई कपडा या कंबल  बिछा कर बैठे । कर्बल विद्युत का कुचालक होता है इसलिए ध्यान करते समय बैठने के लिए कपल का प्रयोग अच्छा माना जाता है |

इससे आपके अन्दर उत्पन्न होनो वाली ऊजा जमीन में नहीं जाती। हमेशा पद्मासन में बैठे । रीढ़  की हडडी को  सीधा रखे |

Samarpan Meditation करने की विधि | 

१. जमीन  पर आप चाहे तो कोई कपडा या कंबल  बिछा कर पद्मासन में  बैठ जाये 

2 अपने हाथो को घुटन पर रखे  अब अपने अंगूठा और तर्जनी  फिंगर को आपस में मिला ले | 

३.आँखो को  बंद रखे बंद करने के बाद भी आंखों का इधर उधर ना घुमाये आँखो को  स्थिर रखे ।

4. अब आप अपने आते जाते सांसो  की  क्रिया पर ध्यान लगाएँ ।

५.आप चाहे तो ॐ का उच्चारण कर सकते है | 

6 .अपने  मन में आते  जाते विचारो को कम करें | उन्हें नियंत्रित  करें।

७.अपने अन्दर ऊर्जा के संचार का अनुभव करें।

Samarpan Meditation
Samarpan Meditation

Samarpan Meditation के लाभ –  Samarpan Meditation benefits

समर्पण ध्यान को  किसी लाभ की लालच में ना करे बस आप अपने  आपको भगवान को समर्पित कर दे । अपने अवगुण को त्याग कर दें |  सामान्य जीवन में आपको इसके फायद अवश्य अपनी जिन्दगी में नजर आएगा।

समर्पण ध्यान करने वाले व्यक्ति अपने क्रोध पर नियंत्रण करना सीख जाते हैं

समस्याओं  से लड़ने की क्षमता समस्यम सभी के जीवन मे आती है। समर्पण ध्यान करने वाले  व्यक्ति को अपने  जीवन में आने वाले समस्याओं से लड़ने की क्षमता मिलती है। सहनशीलता बनी रहती है।

सकात्मक राष्ट्रिकोण :- समर्पण आसन करने से व्यक्ति के जीवन में सकात्मक दृष्टिकोण का विकास होता है।

एक नकारत्मक  व्यक्ति अच्छाई  में  भी बुराई निकाल देगा लेकिन एक  सकात्मक दृष्टिकोण वाला व्यक्ति बुराई में भी अच्छाई को  ढूंढ लेता है और लोगों की गलतिया कम निकलता  है। शिकायत करना कम कर देता है

तनाव  चिंता   से मुक्ति  : समर्पण  ध्यान करने वाला व्यक्ति तनाव चिंता से  मुक्त रहता है। जीवन में आने वाले समस्या से घबराता नहीं नहीं है |

Leave a Comment

1 + two =