prithvi mudra kya hai : prithvi mudra in hindi

prithvi mudra भारत मैं प्राचीन काल से ही योग आसन का बड़ा महत्व रहा हैं कहते हैं। प्रतेक बिमारी का इलाज योग आसन से ठीक किया हो सकता हैं।
अगर आप दवाइयों के साथ साथ योग ,वायम आसन आदि करते हैं। तो आप जल्दी ही सवस्थ हो सकते है आसन का शाब्दिक अर्थ है

संस्कृत शब्दकोश के अनुसार आसनम आस + लायुद (बैठने का आकर ) आसन कई प्रकार के होते है इसमे सब आसन के फायदे अलग अलग होते हैं।

prithvi mudra
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इनमे  से ही एक है पृथ्वी आसन :-

तो आइए आज हम आपको पृथ्वी आसन के बारे मै बताते है इसको करने की विधि ,परिक्रिया इसके लाभ तथा इसके हानियाँ

वैसे योग करने के कोई हानियाँ नहीं होते लेकिन अगर आप आसन सही तरीके से नहीं करते तो इसके नकारत्मक प्रभव भी पड़ सकता है
इसलिए आप कोई भी आसन करे चाहे काम समय के लिए करे लकिन करने कीविधि परिक्रिया और समय का ख्याल अवस्य रखें

तभी आपका आसन या योग करने का फ़ायदा मिलेगा योग आसन दोनों में फर्क होता है योग जिसमे हम सरे शरीर का प्रयोग करते है और आसन होता है जिसमे हम विषेस रूप से बैठ के योग हैं।

prithvi mudra:-

हमारा शरीर पांच तत्व से मिलकर बना है पृथ्वी जल वायु अगनि आकाश से मिल कर बना है ए पांच तत्व हमारे उंगुली मै विद्यमान होते है
जैस अंगूठा मै अगनि, इंडेक्स फिंगर में वायु, मिडिल फिंगर में आकश ,और रिंग फिंगर में पृथ्वी ,और सब से स्माल फिंगर में जल
पृथ्वी आसन में हम पृथ्वी और अगनी तत्व का प्रयोग करते हैं।

पृथ्वी आसन करने की विधि:-

सबसे पहले आप जमीन या फर्श पर नीचे कुछ चाहे तो बिछा ले
उसके ऊपर आराम से पालथी मारकर बैठ जाये रीढ़ की हड्डी सीधी होनी चाहिए 

गर्दन ना ज्यादा ऊपर और न ही ज्यादा नीचे होनी चाहिए 

हाथो को घुटनो पर सीधे करके रख ले 

अब अपनी अगूठा और अनामिका ऊँगली को आपस में मिला ले

ध्यान रहे उंगलियों को आपस में ज्यादा नहीं दबाना है आराम से बस टच कर ले
बाकी उंगिलयो को सीधा रखे

ऐसा लगभग १५ से 20 मिनट तक करे
अगर आप ये आसन खुली हवा में करगे तो है तो ज्यादा फायदा होगा 

अगर आप को हड्डियों की कोई समस्या या बाल झडना , उनका सफेद होना शरीर में में विटामिन की कमी, शरीर का अचानक से कमजोर होना, दुबलापन ,नींद ना आना , मानसिक अशांति आदि से परेशान हैं तो आपके लिए आसन बहुत लाभकारी हो सकता है।

पृथ्वी आसन का तात्पर्य शरीर में उपस्थित पृथ्वी तत्व से हैं। इस आसन को से अग्निशामक आसन भी कहते हैं। हमारे शरीर में विद्यमान पृथ्वी अग्नि तत्व की जागृत करना इस आसन का कार्य होता है इस आसन से शरीर की अनेक विकृतियाँ दूर होती हैं।

 

लेकिन हर व्यक्ति अलग होता हैं। उसकी ताकत उसकी समस्या अलग होती है इसलिए योगासन  कई तरह के  होते हैं जिनका असर शरीर पर अलग अलग प्रकार से पड़ता है।

आपके शरीर को जिस चीज की आवश्यकता हो उसी आसन को करें। जिस प्रकार हम भोजन करते हैं। जैसे अगर हमारे शरीर मोटा है तो हम फैट वाली चीजे कम और प्रोटीन वाली ज्यादा मात्रा में लेते हैं और अगर शरीर पतला है तो वसा की मात्रा ज्यादा लेते हैं। ठीक उसी प्रकार, सें आसन भी होते हैं। prithvi mudra से शरीर में पृथ्वी की मात्रा तथा अग्नि की पूर्ति करता हैं।

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पृथ्वी आसन के कई लाभ हैं जैसे:-

 वजन बढाता है:

अगर आपका शरीर पतला हैं तो ये आसन वजन बढ़ाने के लिए बहुत लाभकारी है। अचानक से शरीर का पतला होना या कम वजन होने है तो पृथ्वी आसन वजन बढ़ाने में सहायता करता है । 

कहते हैं हेल्थ इज वेल्थ स्वस्थय ही सबसे बड़ा धन है अगर आप स्वस्थ है तो आप सबसे खुशकिस्मत इंसान है। स्वस्थ शरीर का मतलब ये नहीं कि आप कभी बीमार  नहीं पड़ते स्वस्थय का मतलब शरीर से आकृषक दिखे

 ना ज्यादा मोटे हो ओर ना ही पतला । आपका वजन शरीर के अनुसार होना चाहिए ये बहुत अच्छा माना जाता है prithvi mudra आपके शरीर वजन बढ़ाने । आर्कषण बनाने में मदद करता है ।

बालों की समस्या से निजाद:-

पृथ्वी आसन से बालों  की समस्या से  छुटकारा मिलता ह। पृथ्वी आसन करने से बालों  का झड़ना उनका सफेद होना हार्मोन स्तर में आकस्मिक बदलाव के बाद भी हो सकता है । किसी लम्बी बिमारी या तनाव से भी बाल झड़ते या सफेद होते हैं।

आज खानपान भी बहुत प्रभाव डालता है। ऐसे में पृथ्वी आसन आपको बोलो की सभी समस्या से निषाद दिलाता है जिनकी भी बालों से जुड़ी कोई भी समस्या हो पृथ्वी आसन को नियमित रूप से करना चाहिए १ पृथ्वी आसन करने से नए बाल भी उगते है ।

कमजोरी को दूर करता है :-

नियमित रूप से पृथ्वी आसन करने से शरीर की कमजोरी दूर होती है। अगर आपका शरीर किसी बिमारी या किसी और वजह से कमजोर हो गया है तो पृथ्वी आसन आपके लिए बहुत लाभकारी हो सकता है ।

पृथ्वी आसन नियमित रूप से करने पर शरीर में ताकत आती है। आप काम करते समय थकते नहीं है  । prithvi mudra करने से शरीर में ऊर्जा का स्तर बना रहता है ।

इसलिए शरीर से कमजोर व्यक्तियों को नियमित रूप प्रतिदिन रूप से १५ से २० मिनट तक करना चाहिए 1 इससे शरीर की कमसोरी भी दूर होगी और शरीर में नई ऊर्जा भी जागृत होगी ।

मानसिक तनाव :-

पृथ्वी आसन शरीर को आकर्षक बनाने के साथ-साथ आपको मानसिक शांति भी प्रदान करता पृथ्वी आसन करने से मानसिक तनाव कम होता है। अगर आप पृथ्वी आसन करते है तो आपका मानसिक शांति जरूर मिलती है ।

मानसिक शांति बहरी दुनिया से जल्दी नहीं मिलता , ध्यान करने से इंसान अपने आप को पहचानता है। इसलिए प्राचीन काल से भारतीय साधु संत ध्यान करते हैं। परमात्मा को पाने का एक मात्र तरिका है ध्यान | आज की लाइफ इतनी भाग-दौड़ है कि इंसान पैसा तो भरपुर कमाते है लेकिन उसे मानसिक शांति नहीं मिलती । दरअसल उनको अपने जीवन से सन्तुष्टि नहीं मिलती ऐसा इसलिए होता कि इंसान ओर ज्यादा पाने की इच्छा समापत नहीं होती । तो अपनी असफलता को स्वीकार नहीं कर पाता और डिप्रैशन में चला जाता है। ऐसे व्यक्तियों के लिए पृथ्वी आसन बहुत लाभकारी होता है। बच्चों को भी prithvi mudra के बारे में बताना चाहिए । योगासन करने के लिए उन्हें प्रेरित चाहिए। पृथ्वी आसन करने से एकाग्रता भी बढ़ता है। किसी भी काम को करने में मन लगता है ।

 चहरे पर निखार:-

पृथ्वी आसन से शरीर में एक अलग ही प्रकार का ऊर्जा का संचार होता है। पृथ्वी आसन में हम अपना अंगूठा जिसमें अग्नि तत्व और अनामिका उंगली पृथ्वी तत्व मौजूद होता है  इसे चहरे पे तेज आता है।

रोग-प्रतिरोधक क्षमता:-

पृथ्वी आसन करने से शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है । रोग प्रतिरोध क्षमता कम होने से आपके शरीर को अनेक प्रकार के रोग हो सकते है। आप किसी भी बिमारी के चपेट में आ जाते हैं। पृथ्वी आसन करने से शरीर में  रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ता है  पृथ्वी आसन करने से रोगो से छुटकारा मिलता है। बुखार और पिलिया में भी prithvi mudraलाभकारी होती है और आपका शरीर जल्द स्वस्थ हो जाता है

सावधानियाँ:- 

पृथ्वी आसन करने से पहले कई प्रकार की सावधानियों बर्तनी चाहिए। जिस प्रकार आसन करने के कई फायदे होते हैं उसी प्रकार अगर आप कोई भी आसन गलत तरिके से करते है तो यह नुकसानदायक भी हो सकता है इसलिए पृथ्वी आसन करने से पहले ध्यान दे ताकि कोई साइड इफ़ेक्ट न हो ।

लाभ प्राप्त होने बाद पृथ्वी आसन बंद कर दें। अगर आप अपना वजन बढ़ाने के लिए पृथ्वी आसन कर रहे है तो वजन बढ़ने के बाद आसन करना बंद कर दे।

बैठने की विधि पर विशेष ध्यान दे | कमर को सीधा रखे । आँखों को बंद | हाथ की उंगलियों को (अगूठा और अनामिका) को छोड़कर बाकि को सीधा कर ले

अंगूठा और अनामिका उंगली को ज्यादा प्रेस ना करे बस टच करे

याद रहे अगर आप पृथ्वी आसन  के साथ हैल्थी डाइट चाट फॉलो तभी आपका वजन बढ़ेगा।

 सुबह -शाम prithvi mudra करें तो ज्यादा फायदेमंद होगा | 

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