Meditation in hindi :Meditation kaise kare: ध्यान 

Meditation in Hindiआज के समय में व्यक्ति जितनी तरक्की कर रहा है उतना ही तनाव ग्रस्त हो रहा है।

जीवन में एक दूसरे से आग बढ़ने कि इतनी होड़ है कि व्यक्ति का न तो अपनी शारीरिक स्वस्थ्य और  ही मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान है |

मानव के लिए मानसिक शांति उतना ही जरुती है जितना शरीर के लिए भोजन | आज के तनावपूर्ण जिन्दगी में समानसिक शांति के लिए  Meditation ( ध्यान) एक सफल तरिका है।  ध्यान से इंसान में जो चेतना जागृत होती है उससे व्यक्ति का जीवन जीने का मायना बदल जाता है ।

जीवन मे हार जीत आम बात है लेकिन आज युवा अपनी हार और असफलता के स्वीकार नहीं कर पा रहे है। बुजुर्ग से यादा आज के युवाओं को Meditation ( ध्यान) करने की आवश्कता है |

eyemiddle.com Meditation in Hindi
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TABLE OF CONTENTS:-

  1. ध्यान  – Meaning of meditation in Hindi
  2. मेडिटेशन क्या है – What is Meditation in Hindi ?
  3. ध्यान के प्रकार – types of Meditate in Hindi
  4. ध्यान करने की विधि-Method of meditation in Hindi
  5. ध्यान के लाभ  – Benefits of Meditation in Hindi

Meditation in Hindi हिन्दी में Meditation का अर्थ होता है ध्यान (समाधि )करना भारत वर्ष में ध्यान का बहुत महत्व है। माना जाता है कि हमारे ऋषिमुनि भी ध्यान द्वारा ही ईश्वर का पाते थे। अपनी आत्मा को परमात्मा से मिलाने का सबसे अच्छा साधन है ।

ध्यान मतलब जुड़ना जिसके द्वारा हम ईश्वर से जुड़ते है। भौतिक दुनिया के मोह माया सब छोड़कर परमात्मा में विलीन हो जाते है।

मेडिटेशन क्या है – What is Meditation in Hindi ?

आज कि भाग दौड़ भरी जिन्दगी में जहाँ लोगों के पास अपने लिए समय निकाल पाना मुश्किल है। इसान लोभ-लालच, मोह-माया इत्या, घृणा में इतन फंस गया है कि आप उससे निकलना आसान नहीं है।

वर्तमान का समय हो का या प्राचीन काल का ध्यान एकमात्र ऐसा तरिका है जिसमे इंसान जितना बाहरी दुनिया के बारे मे जानता है उससे ज्यादा अपने बारे मैं जान सकता है। पुराणों में माना जाता है कि भगवान शंकर श्री विषण का ध्यान और श्री विशुण शंकर भगवान ध्यान करते थे ।

ध्यान एक ऐसा माध्यम है जिसे  ईश्वर और भक्त एक होते हैं। अपनी सभी इन्द्रियों पर विजय पाने का साधन है | ध्यान आत्मा को ईश्वर से जोड़ता है। साधु संत ध्यान करके ही इस दुनिया के मोह-मात्रा से अलग रह पाते हैं।

ध्यान के प्रकार – types of Meditate in Hindi :-

ध्यान कई प्रकार के होते सब की अपनी विधि और महत्व है। शरीर से ज्यादा मन को ध्यान कि आवश्यकता होती हैं। ध्यान के निम्न प्रकार :-

सहज योग :-

सहज का अर्थ है स का मतलब “साथ” और ज का अर्थ “जुड़ना” ईश्वर के साथ सहज रूप से जुड़ना । ध्यान का सबसे सरल रूप माना जाता है

विपश्यना ध्यान  🙂 विपश्यना ध्यान का अर्थ होता है “देखकर लौटना”। विपश्यना ध्यान करने से मानसिक अशांति, तनाव से छुटकारा मिलता है आज के समय में मानसिक तनाव  एक आम  समस्या हो गई चाहे बच्चे हो या बुजुर्ग सब को किसी न किसी बात का बना रहता है ऐसे मे विपश्यना ध्यान आप के लिए लाभकारी हो सकता है ।

इस’ विपश्यना ध्यान को करके ही गोतम बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था ।विपश्यना ध्यान से मानसिक शांति मिलती क्रोध कम होता है। इसके करने की विधि आसान है इसको करने के लिए आपका ज्यादा शांत जगह की भी जरूरत नहीं पड़ती। आप चाहे तो घर में, ऑफिस में कहीं भी कर सकते हैं।

विपश्यना ध्यान करने की विधि:-

चोकरी मारकर फर्स पर आराम बैठे जाए या कुसी बर्ड पर भी बैठे कर आप कर सकते है।

आराम से ध्यान लगाए और आखो को बंध कर ले

अब अपनी आती जाती सांस को महसुख करे यह महसूस करें कि वायु आपके नाक से नासिकां ग्रांथी से होते हुए कैसे कपड़ों तक जा रही है फिर उसी तरह वायु बाहर कैसे आ रही है इस बात पर भी ध्यान लगाए ।

त्राटक ध्यान  Tratak Dhyan:-

त्राटक ध्यान का अर्थ होता है किसी चीज को टकटकी लगाकर देखना’  इस ध्यान में व्यक्ति अपनी मन की चंचलता का वंश में करता है।

व्यक्ति  अपने मन मे चल रहे चंचलता, विभिन्न प्रकार के नकारत्मक विचार आदि को त्राटक ध्यान से कम कर सकते है इसमें व्यक्ति चाहे तो किसी भी भगवान, देवी-देवा, मुर्ति, चिह्न आदि पर ध्यान लगा सकता है।

इसके अलावा किसी बिन्दु अभिन दीपक , सूर्य पर भी ध्यान लगा सकते है

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त्राटक ध्यान करने की विधि

त्राटक ध्याने करने के लिए आप फर्फ्स पर आराम से पालथी मारकर बैठ जाए। अपने आखो को ना पूरा खोलने ना ही अच्छे से बंद करें | अब आपने जो वस्तु ,चित्र या चिहन आदि पर ध्यान लगाए |

याद रहे आखो को बंद नहीं करना है उस वस्तु का एकटक देखते आरंखों में आंसू आना इस ध्यान में संभाविक है। इससे ध्यान भंग ना करे |

लाभ :-

त्राटक ध्यान करने से मन शांत होता है

आँखो के रोग दूर होते है आखाँ में तेज आता है। मन और मस्तिष्क एकाग्रता बढ़ती है नकारात्मक विचारों से छुटकारा मिलता है। आलस्य दूर होता है

थर्ड ऑय ध्यान- Third eye Meditation:-

माना जाता है  प्रत्येक मनुष्य में तीन आँखं होती है दो- तो हमे दिखाई  देते हैं लेकिन तीसरा नहीं 1 तिसरा आँखां हमारे माथे दोनो आखां के बीच में होता है ।

यह ध्यान थोडा कठिन होता पर लेकिन लाभ भी ज्यादा होता है | इस बायोलॉजी में पीनल ग्रंथि कहते है थर्ड ऑय मेडिटेशन करने से शरीर में नई ऊर्जा जागृत होती है जब आपकी तीसरी आँख एक्टिव होती है तो आपकी की ऊर्जा बाकि मनुष्य से ज्यादा होती  है ।

इसके परिणाम जल्दी नहीं आते । इससे आपको परेशान होकर छोड़ए ना रूप नियमित से करे आपको परिणाम भी मिलने लगेगे

थर्ड ऑय ध्यान- Third eye Meditationकरने की विधि

 उसमे आपको ज्यादा शांति की आवश्या होगी इसलिए यह ध्यान आप सबसे शांत जगह पे ही करे 1

नीचे पालथी मारकर बैठे। दोनों आखों को बंद कर और अब आप आपनी तीसरी आँखं पर फोकस करे 1

अपने मन के विचारों को कम करे उसे कंट्रोल करे दोनों आंखों की बीच फोकस करेत किसी बाहरी शोर पर ध्यान ना जाने दे । इसके लिए आप उलटी गनती भी कर सकते हैं।

इससे हमारे में मन शांत होगा इसके बाद आप आपना पूरा फोकस दोनों आँखो के बीच में रखे आपके शरीर में हल्की सी कम्पन भी हो सकती है।

लाभ:

  • एकाग्रता बढ़ती है।
  • शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।
  • व्यक्ति अपने अन्दर छुपे ऊर्जा को पहचानता है ।

मंत्र ध्यान -Mantra Meditation:-

मंत्र ध्यान भी एक प्रकार प्रकार का ध्यान है। इस ध्यान में व्यक्ति किसी मंत्र का उच्चारण करता है और उसी पर ध्यान केंद्रित करता है। ज्यादातर लोग ॐ शब्द का प्रयोग करते हैं।

ॐ को spiritual ward माना जाता है इसवजह से लोग इसे ज्यादा महत्व देते है  ध्यान लगाकर ॐ बोलना होता है।

ध्यान करने की विधि:-

सही जगह : = ध्यान करते समय उस बात पर विशेष ध्यान रखें कि आपके बैठने की  जगह सही हो क्योंकि ध्यान में शांत जगह की आवश्यकता होती है। इसलिए आप अपने घर में किसी शांत जगह पर ही बैठे

समय :-> ध्यान करते समय हमे टाइम का भी ख्याल रखना चाइये । वैसे तो आप कभी भी ध्यान कर सकते है

लेकिन अगर सुबह का समय हो तो ज्यादा फायदेमंद रहता है। मॉर्निंग में जब भी आपको टाइम मिले आप ध्यान कर सकते है

बैठने का तारका 🙂 ध्यान करते समय बैठने का तरिका भी अच्छे से आना चाहिए अगर आप सही आसन में बैठ कर ध्यान करेंगे तभी ध्यान का पूरा लाभ मिलगा । ध्यान करते समय हमेशा आलथी पालयी मार कर ही बैठे। हाथों को घुटने पर रखे |

गेहरी सांस लेना : ध्यान करते समय श्वसन क्रिया बहुत महत्वपूर्ण होती है। ध्यान करते समय गहरी सांस ले । आप चाहे तो सांस पर भी फोकस कर सकते हैं। पूरा सांस अन्दर लें फिर आराम से बाहर निकाले ।

मेडिटेशन करते समय ढीले कपड़े पहने ज्यादा तंग कपड़े पहन कर मेडिटेशन न करे

मेडिटेशन करते समय चहरे पर हमेशा मुस्कुराहत रखे ।

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ध्यान के लाभ  – Benefits of Meditation in Hindi:-

वर्तमान समय 🙂 ध्याना करने से व्यक्ति को भूतकाल और भविष्य काल की चींता कम होती है व्यक्ति वर्तमान में जीना सिखता है ध्याना करने से आज के समय का सही प्रयोग करते है और चिताओं से मुखती मिलती है।

सकात्मका का विकास : सामान्य व्यक्ति कई बार नकात्मक सोच से परेशान रहता उसके मन में बुर – बुरे ख्याल आते है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति ध्यान करता है

तो वह नकात्मक समय में भी संक्रामक सोच लेता है। हर चीज को अम्मद की नजर से देखता है। किसी भी व्यक्ति की अच्छाई पर ज्यादा ध्यान देता है।

कल्पना शक्ति का विकास :- ध्यान करने से व्यक्ति की कल्पना करने की शक्ति बढ़ती है। नई-नई चीजों के बारे में सोचता है खोज करता है। रचनात्मकता का विकास होता है। ध्यान वाला व्यक्ति रचनात्मक कार्य आसान और कुशल तरीके से करता है।

नए विचारों का जन्म :- प्राचीन काल में ऋषि मुनि संत सब ध्यान करके ही सच्चे ज्ञान की प्राप्त करते थे 1 आज के समय में भी सच्चे ज्ञान की प्राप्ती के लिए ध्यान बहुत जरूर है 

 स्कूली ज्ञान से हम  जिविका चलने के लिए और ध्यान जिन्दगी चलन लिए आवश्यक है। ध्यान से व्यक्ति में नये विचारों का जन्म होता है। गौतम बुद्ध तथा महावीर स्वामी जी ने नए विचारों में ही एक नए धर्म की स्थापना की। 

एकाग्रता :- नियमित रूप से ध्यान मेडिटेशन करने से व्यक्ति में एकाग्रता का विकास होता है। किसी भी कार्य को करने में मन लगता है व्यक्ति अपना 100% प्रतिशत देता है। जिससे व्यक्ति को जीवन सफल होता है ।

असफलता का सहन :- व्यक्ति आज के समय में  बस सफल होना चाहता है। मनुष्य का जीवन तो खेल है कोई हारेगा तभी तो कोई और जितेगा | मेडिटेशन  करने से व्यक्ति में असफलता को सहन करने कीक्षमता का विकास होता है |

स्मरण शक्ति का भी विकास होता है, इसलिए पढ़ने वाले बच्चों को मेडिटेशन के लिए प्रेरित करें।

तनाव कम:- नियमित रूप से मेडिटेशन करने से जीवन में आ रहे तनाव  से छुटकारा मिलता है । जीवन में सुहाली आती है।

जीवन में आने वाले दुःख से लड्‌मे की में क्षमता भी उत्पन्न होती है।

सावधानिय :-

  1. खाना खाने के बाद ध्यान करने से बचे ।
  2. जमीन था फर्स पर ही बट कर मेडिटेशन करें।
  3. ढीले कपडे पहन कर ही करें।
  4. शोर शराबे वाले जगह पर ध्यान ना करे इसे आप के ध्यान मै बाधा उत्पन होगी ।
  5. अपनी आँखों को विचलित ना होने दे या तो बंद कर ले नहीं तो किसी एक जगह ध्यान लगाए ।

अगर आपको मेडिटेशन करने का सही तरिका नहीं पता है तो आपको अपने लिए एक मेडिटेशन एक्सपर्ट को हायर कर लेना चाहिए इसे आपको बहुत लाभ होगा जो आप को सही दिशा निर्देश देगा |

शुरुआत के समय मै आप दिमाग़ पै ज्यादा जोर न दे धीऱे धीऱे मेडिटेशन के टाइम को बढ़ाये

मेटिटेशन से जुड़े सवालों के जवाब :-

1. क्या गर्भवति महिला मेडिटेशन कर सकती है? 

उत्तर -हाँ बिल्कुल गर्भावस्था के दौरान मेडिटेशन बहुत फायदे मंद होता है |

गर्भावस्था के दौरान महिलाओं में कई तरह से बच्चे को लेकर चिंता तनाव रहता है इन सब से  छुटकारा दिलाने में मेडिटेशन बहुत लाभदायक है 

2.मेडिटेशन में समय की कोई पाबंदी ?

उत्तर -नहीं मेडिटेशन में किसी प्रकार से समय की कोई पाबंदी नहीं है आप जब चाहये मेडिटेशन कर सकते है बस ध्यान रहे शुरू के दिनों मै जितना हो सके सीखने की कोशिस करे |

3.क्या मेडिटेशन से इंसान भौतिक दुनिया से अलग हो जाता है?

उत्तर – नहीं, ऐसा बिल्कुल नहीं है कि इसान ज्यादा समय तक मेडिटेशन करने से भौतिक दुनिया से अलग जाता है। हाँ व्यक्ति अपनी भावनाओं इच्छाओं, क्रोध आदि पर नियंत्रण पा लेता है लेकिन इसका मतलब ये नाही कि वो साधु संत के जैसा बन जाएगा |

4.क्या संगीत के साथ ध्यान कर सकते है?

उत्तर – संगीत और मेडिटेशन दोनों ही मानसिक रूप से सुकुन प्रदान करते हैं। 

संगीत सुनते समय भी आप का ध्यान केंद्रित होता है और मेडिटेशन में यही ध्यान केद्रित करने ही आना चाहिए

अगर आप संगीत के साथ मेडिटेशन करने में कम्फर्टेबल है तो कर सकते है। इसका कोई नुकसान नहीं है

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