makarasana in hindi

 मकरासन ( makarasana ) संस्कृत के दो शब्दों के मेल से बना है मकर का अर्थ होता है  मगरमच्छ तथा आसन का मुद्रा | मकरासन में व्यक्ति के शरीर की आकृति  मगरमच्छ के समान होती है। मकरासन को crocodile pose भी कहा जाता है |

 शरीर को  आराम देने के लिए किया जाता है | मकरासन को समान्यता थकान  कम करने के लिए किया जाता है। मकरासन करने से  पीठ दर्द से  भी काफी राहत मिलती है यह एक सामान्य योगासन की श्रेणी वाला योगासन  है।

इसे करने में ज्यादा परेशानी नहीं होती। बिगिनरस के लिए मकरासन बहुत अच्छा आसन माना जाता है|  जिसे करने में भी आसानी और लाभ भी उम्दा किस्स के होते है | 

makarasana
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मकरासन की सभी व्यक्ति अपने दैनिक जीवन के योगासन में शामिल कर सकते है | मकरासन के कई सारे लाभ है जो आपके स्वस्त जीवन के लिए लाभकारी माना जाता है।

मकरासन से किसको ज्यादा फायदा होता है  सबसे ज्यादा फायदेमंद उन व्यक्तियों के लिए है जो ज्यादा बैचैन रहते हैं, ज्यादा टेंशन  लेते है जिनके पीठ में दर्द रहता  है। जिन व्यक्तियों को मानसिक अशांति  होती है उनके लिए भी  लाभकारी होता है |

ब्लड प्रेसर , शुगर दमा वाले मरीजों  को मकरासन अवश्य करना चाहिए वैसे तो मकरासन अभी व्यक्तियों के लिए लाभकारी है। जीवन में शांति किसे नहीं चाहिए। जीवन के इस भाग-दौड में सभी को थकान होते हैं।

भविष्य को लेकर सभी के जहन में चिंता रहता है । ऐसे समय में मकरासन एक उत्तम आसन माना जाता है। एक तो मकरासन, करने में काफी सरल है इस दुसरा लाभ हमारे दिनचर्या में समान्य रूप देखा जा सकता है | 

मकरासन करने की विधि : makarasana kaise kare

चलिए अब हम आपको बताते है की मकरासन को कैसे करना चाहिए | मकरासन करना  आसान है  फिर भी कुछ बातों का ध्यान  रखना पड़ता है। मकरासन को भी तीन भागों में बाटा गया है।

मूल रूप से तीनों एकसमान ही है बस इन तीनो में थोडा बहुत बदलाओ है। यहाँ हम आपको तीन प्रकार के मकरासन के बारे में बताएगे | 

 पहला प्रकार : मकरासन करने के लिए आप दरी पर पेट के बल लेट जाए | शरीर को आराम की अवस्था में लाये | 

पैर को सीधा रखे।

अपने हाथों को उठाकर कोहनी को जमीन पर टीका ले | 

बाकि हाथ सीधा रहना चाहिए | बस कोहनी से ऊपर वाले भाग को ऊपर की तरफ रखे।

दोनों हाथो के हथैली को कटोरी की आकार का कर ले  उसमें अपने चिन को रखें ।

धीरे-धीरे कोशिश करें कि दोनो  कोहनी को भी आपस में मिला ले | 

कोहनी कब समानतर दूरी पर रहेगी तब पीठ ,कमरमें  खिचाव महसूस होगा। और जब दोनो कोहनी आपस में मिल जायगी तब खिचाव गले मे महसूस  होगा | 

दूसरा प्रकार : मकरासन के दूसरे प्रकार में बस हाथों कि स्थिती बदलेगी 1 पैर, कमर सीधा रहेगा। हाथों को  मोड ले जमीन पर ही। दोनों हाथों को इस प्रकार मोड़े कि दोनों की हथेलियाँ विपरित हाथ की कोहनी के ऊपर हो । अपने सिर को नीचे रखे सिर को दोनों हाथो के  बीच में रखना है।

तीसरा प्रकार : मकरासन के तीसरे प्रकार में पैसे की स्थित पहले जैसी ही रहेंगी | शरीर पेट के बल रहेगा। अब दोनों हाथी की जमीन पर रखें. ले सामने की तरफ बराबर दूरी पर | उसके बाद अपने आगे वाले शरीर के हिस्से को ऊपर उठाए | कमर तक के भाग को उठा सकते है। सिर को  आसमान की तरफ रखे ।

तीनों प्रकार के मकरासन आपको तनाव ,  बैचेनी थकान  से राहत दिलाएगी | 
 

मकरासन के लाभ -makarasana benefits in hindi 

मकरासन करने से शरीर को कई प्रकार के लाभ प्रप्त  होते हैं। यह योगासन प्रत्येक उम्र के व्यक्ति के लिए लाभकारी  है। मकरासन को करने में कोई भी व्यक्ति जल्दी निपूर्ण हो जाता है। जब कोई  व्यक्ति किसी कार्य या योगासन को  करने में निपूर्ण हो जाता है तो ज्यादा लाभ प्राप्त होता है।

 मानसिक तनाव कम करता है :  मकरासन करने का सबसे ज्यादा फायदा तनाव वाले व्यक्तियों को होता है। इस आसन को करने से मानसिक तनाव कम होता है। मन शांत रहता है।

makarasana
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थकान को खत्म करता है : शकान कम करने का सबसे अच्छा तरिका है मकरासन  काम करते-करते अगर आपका शरीर ज्यादा थक जाये  थकान महसुस होने लगे तो कुछ समय का ब्रेक लेकर मकरासन कर लेना चाहिए 1 इससे आपके शरीर का थकान जल्दी खत्म हो जाता है 1

नींद अच्छी जाती है : मकरासन करने  से नींद से जुडी सारी समस्या खत्म हो जाती है। जो व्यक्ति नींद की दवाई लेते है उनको मकरासन अवश्य करना चाहिए नींद जल्दी आएगी | शरीर आराम की अवस्था में रहेगा दिमाग  शांत रहेगा तो नींद अच्छी आएगी | 

 तनाव कम होता है: मकरासन अगर आप नियमित रूप से करते हैं तो तनाव कम होता है। जीवन में आने वाली परेशानियों को  आप अच्छे से हैंडल कर लेते है | 

पीठ मजबूत होता है : जब हम मकरासन करते हैं तो हमारे पीठी में खिचात महसूस होता है। पीठ की मांसपेशियों की मालिश हो जाती है जिससे पीठ  में दर्द नहीं होता पीठ मजबूत बनता है ।

 कब्ज से राहत : मकरासन करने से कब्ज  की समस्या से राहत मिलता है मकरासन करते समय  पेट पर दबाव पड़ता है मांसपेशिया सही प्रकार से कार्य करती है। मांसपेशियों की मालिस  होती है। जिन व्यक्तियों को  कब्ज की समस्या रहती है उनके लिए मकरासन लाभकारी होता है।

 पाचन क्रिया ठीक करता है :  मकरासन नियमित रूप से करने पर पाचन क्रिया सही प्रकार से कार्य करती है | 

रीढ़ की हडडी : मकरासन रीड की हड्डी के दर्द में बहुत ज्यादा राहत पहुंचाता है। इस आसन को रीड की हड्डी के लिए अतिउत्तम माना जाता है। इस आसन से हडडी मजबूत होती है।

दमा रोगियों के लिए : मकरासन दमा  रोगियों के लिए भी लाभकारी होता है। श्वास से जुड़ी समस्या खत्म होती है।

वात  रोगियों के लिए भी मकरासन बहुत कायदेमंद है।

 मानसिक रोगी : जिन व्यक्ति की मानसिक हालत ठीक नहीं रहती मेंटल डिसट्रब  रहते हैं उन व्यक्तियों को  मकरासन अवश्य करवाना चाहिए। इसका बहुत लाभ  मिलता है।
ब्लड प्रेशर कंट्रोल : मकरासन से  ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल होता है। इस आसन को  करने वाले व्यक्तियों का ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है।

रक्त संचार  : मकरासन रक्त संचार के लिए भी लाभकारी है। रक्त संचार प्रणाली को ठीक रखता है।

मेरुदण्ड : मकरासन से मेरुदण्ड से जुड़ी समस्या भी खत्म होती है।

अपच से निजाद : अपच  से छूटकारा दिलाने में मकरासन महत्वपूर्ण भूमिक निभाता है।

 सुकून : मकरासन नियमित रूप से करने से मानसिक शांति मिलती है जीवन में सुकूल बना रहता है।

मकरासन का समय: मकारासन आप कभी भी किसी भी समय पर कर सकते है |  मकरासन या कोई भी योगासने आप अगर सुबह करते हैं खाली पेट तो ज्यादा लाभ मिलता है । मकरासन करने का  कोई निश्चित समय नहीं है| 

पर ध्यान रहे खाना खाने के 2 घण्डे बाद ही मकरासन करें अगर आप दिन में कभी करते हैं। शुरुआत  में 2-3 मीनट कर सकते है |  आप चाहो  २० -३० मिनट भी कर सकते  है अपनी क्षमता के अनुसार।

 मकरासन एक आराम की अवस्था वाला योगासन है इसलिए ध्यान रखें कि आप को नींद ना आये |  इस आसन  में कखाशतौर पर दूसरे प्रकार के मकरासन में नींद आना सामान्य बात है । 

कोई भी योगासन करते समय ज्यादा उनकंफर्टबले  कपडे ना पहने, शरीर पर अभूषण भी कम रखे | मन को तनाव मुक्त और चेहरे पर मुस्कान रखे 

सावधनियां

  1. हर्निया के मरीज मकरासन ना करे |
  2. अगर आपके पीठ में ज्यादा दर्द रहता है तभी भी मकरासन ना करें । सामान्य कभी-कभी दर्द  रहता है तो कर सकते हैं।
  3. स्लिप डिस्क में भी मकरासन ना करें।
  4. पेट का कोई ऑपरेशन हुआ है तब भी कुछ समय तक मकरासन ना करें ।

 

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