kapalbhati benefits in hindi : कपालभाति

kapalbhati benefits in hindi इस पुरे लेख में हम कपालभाति (Kapalbhati) के बारे में और उसे होने वाले लाभों के बारे में जानेगे | 

कपालभाति (Kapalbhati) क्या है  :-

kapalbhati benefits in hindi
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 कपालभाति का अर्थ होता है माथे पर तेज या चमक | कपाल का अर्थ होता है माथा, खोपडी या ललाट और भाति का अर्थ होता है तेज । इस का प्रकार कपालभाति को माथे पर चमक वाला योग माना जाता है | 

कपालभाति करने के बहुत सरे फायदे होते हैं जो की सभी व्यक्तियो के  स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है। आज हमारे पृथ्वी के वायुमंडल में आक्सीजन के साथ और भी कितने सारे हानिकारक नेनो कण भी पाए जाते है  |

जो हमारे शरीर में सांस के द्वारा प्रवेश कर जाते हैं। यह नेनोकण हमारे शरीर के लिए नुकसानदह होते हैं।  १ से 100 नैनोमीटर तक आकार रखने वाले कण होते है । ये विषैले कण हमारे शरीर को बिमार कर देते है | 

इन विषैले कणो  का कारण अक्सर प्रदूषित हवा प्रदूषित जल पीने से , केमिकल युक्त फल सब्जियां खाने से या कास्मेटिक प्रोडूकेट  का ज्यादा प्रयोग करने से हमारे शरीर में जाते हैं। कपालभाति इनविषैले कणो  को निकाल में  मदद करता है

और शरीर को स्व्स्थ बनाता है। इसकी वजह से व्यक्ति को अस्थमा , कैंसर स्पाइना , मिरगी , सिस्टिक, मस्तिष्क पक्षाघात जैसे बीमारियों  के शिकार होने से बच जाते हैं।

कपालभाति आपको इन सारी बिमारियों से बचा सकता है बहुत सारी बिमारियों को जड़ से खत्म कर देता है । कपालभाति करने के इतने सारे फायदे है शायद पहले आपको इसके बारे में इतना पता ना हो |  

कपालभाति में हम सास को जोर से ताकत के साथ बाहर की तरफ फैकते हैं जिसे हमारे शरीर में घुसा हुआ हानिकारक नैनोकण बाहर आ जाता है। शरीर स्वस्थ होने लगता है 

कई लोग कपालभाति को प्राणायाम का ही रूप मानते हैं कपालभाति प्राणायाम ही बोलते है | और कई योग गुरुओं का मानना है कि कपालभाति कोई प्राणायाम नाही है बल्कि कपालभाति षटकर्म क्रिया  है।

आप चाहे तो इसको षटकर्म में रखे या प्राणायाम में  हमारा मकसद आपको इसके बारे में जानकारी देना है ताकि आप लोग इसके लाभ का फायदा उठा सके और अपने शरीर को स्वस्थ बना सके | 

 चलिए आज आपको इतने गुणकारी कपालभाति को करने कि विधि बताते है । कपालभाति करने पहले हम चरणों के बारे में पता होना चाहिए जिसे मिलकर कपालभाति पूर्ण होता है।

kapalbhati steps :-

पहला स्टेप :  बैठने का तरीका पहले स्टेप में आप कपालभाति को करने के लिए किस आसन में बैठना है इस पर ध्यान दे । कपालभाति हमेशा सुखासन , पद्मासन में करे । बैठते वक्त कंधा , गर्दन को ना झुकाए | 

दुसरा स्टेप :  दुसरे चरण में आपको  नासिक पर ध्यान देना है इस बात को जानना है कि कपालभाति में सांस तो सामान्य ताकत  से लेना है लेकिन सांस छोड़ने समय पूरी ताकत के साथ, झटका के साथ बाहर फैकना है | सांस लेते समय कोई फ़ोर्से  नहीं लगाना है। नासिक के दोनों छिद्र  का पूरी तरह प्रयोग करना है | 

तीसरा स्टेप : कपालभाति में ये भी जानना जरूरी है की जब आप सांस छोड़ते है तो पेट अंदर की और करे और जब सांस लेते समय बाहर की और करे | 

इसी प्रकार आपका पेट अंदर बाहर होता रहेगा | आप पेट को जितना अंदर कर सकते है करे | कपालभाति में सक्रिय सांस छोड़ना और निष्क्रिय सांस लेना का भाव होता है।

कपालभाति की विधि – kapalbhati  kaise kare 

  1. सबसे पहले आप नीचे दरी बिछाकर सुखासन या पद्मासन में बैठे जाए।
  2. अब चिन योग मुद्रा में आ जाए।
  3. आँखों को बंद करे | 
  4. सामान्य रूप से सांस ले और झटके के साथ सांस को बाहर छोड़े  ।
  5. सांस के साथ आपका पेट भी अन्दर बाहर होना चाहिए।
  6. अपनी गर्दन और  कमर को सीधा रखना है।
  7. एक समय मे 20 बार करें अगर आप शुरूआत कर रहे हैं तो | 
  8. कपालभाति के बाद आप कुछ समय तक सुखासन में ही बैठे रहे | 
  9. आप ताली  भी बजा  सकते हैं इसके बाद आप अपने हाथ को पर रखेंगे तो कंपन महसूस होगा जिसका अर्थ होगा की आप के अन्दर से विषैले प्रदार्थ निकल गए हैं।
kapalbhati benefits in hindi
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कपालभाति कब करें:-

कपालभाति हमेशा सुबह ही करें खालीपेट फ्रेश  होने के बाद याद रहे अगर आप सुबह कपालभाति नहीं करते है दिन में किसी और समय करते है तो खाना खाने के 2 घण्टे  बाद तक कपालभाति नहीं करना चाहिए | 

इसके बाद ही आप कपालभाति करे | इसलिर सुबह का समय ज्यादा उचित और लाभकारी माना जाता है।

कपालभाति कहाँ करे:-

वैसे तो आप कपालभाति आप जहां चाहें  कर सकते हैं लेकिन खुली हवा में करते है  तो ज्यादा फायदा होता है 1 पर हमें इस का भी  ध्यान रखना  है|  जहाँ आप खुली हवा में कपालभाति कर रहे हैं वहाँ कुछ दूर तक कोई फैक्टी कारखाना ना हो जिससे बहुत ज्यादा मात्रा में कार्बन निकलता हो |

वहाँ करने से अन्दर ज्यादा प्रदूषित हवा जाएगा जिसके आप को कई प्रकार की समस्या भी हो, सकती है। इसलिए अगर आप घर मे भी करते हैं तो अच्छा ही होगा | 

कपालभाति कौन कर सकता है :-

योगासन  सभी के लिए उपयोगी होते  है। प्राणायाम से हर व्यक्ति की श्वसन क्रिया सही प्रकार से कार्य करती है। कपालभाति सभी व्यक्ति कर सकते हैं। जो गंभीर रूप से किसी बिमारी से ग्रस्त ना  हो 1 

 महिलाओं  और बच्चों के लिए ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि कपालभाति से एकाग्रता बहुत अच्छे से बढ़ता है।

कपालभाति किसे नहीं करना चाहिए :-

कपालभाति सभी के लिए उपयोगी है फिर भी कुछ परिस्थियाँ बिमारिया ऐसे होती है जिसमे कपालभाति करने से शरीर को नुकसान  हो सकता है। जिन व्यक्तियों को निम्न प्रकार की समस्या हो उनका कपालभाति नहीं करना चाहिए| 

  1.  जिन व्यक्तियों को स्ट्रोक आते हो |
  2. हाल ही में स्लिप डिस्क या हिप की सर्जरी हुई हो | 
  3.  हर्निया वाले व्यक्तियों को भी कपालभाति नहीं करना चाहिए | 
  4. मासिक धर्म के समय या गर्भावस्ता  के समय महिलाओं को कपालभाति नहीं करना चाहिए |
  5. दिल के रोगियों को भी  कपालभाति नहीं करना चाहिए |
  6. कई लोगो का मानना है कपालभाति  हाइपर टेशन वाले व्यक्तियों के लिए नुकसान दायक होता है। ऐसा कुछ नहीं है आप कर सकते हैं लेकिन इस बात का ध्यान रखे  की किसी योगा प्रशिक्षक की उपस्थिति में करे |

आराम से धीरे-धीरे करें जैसे  शुरुआत में करते है । ज्यादा  समय तक ना करे । एक बार डॉक्टर से भी सलाह ले सकते है।

कपालभाति के बारे में इतना जानने के बाद अब इसके लाभ के बारे में भी जान ले ताकि करते समय आपको आनंद मिलगा | क्योंकि जब हमें किसी कार्य के लाभ के बारे मे पता रहता है तो हम ज्यादा खुशी और उत्साह के साथ कार्य करते हैं ।

कपालभाति अपने शरीर के अन्दर से अशुद्धियों को निकालने का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। कपालभाति बहुत ऊर्जावान उच्च सुंदर श्रास व्यायाम है । कपालभाति का फायदा जितना शरीर के अन्दर होता  है उतना ही शरीर के बाहर आपके चहरे पर भी इसका असर होता है 

kapalbhati ke fayde – kapalbhati benefits in hindi :-

हिमोग्लोबिन बढ़ता है : कपालभाति करने से शरीर में हिमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है। जो व्यक्ति कपालभाति नियमित रूप से करते है उन व्यक्तियों में सामान्य से ज्यादा हिमोग्लोबिन की मात्रा होती है।

एक सामान्य स्वस्थ व्यक्ति में पुरुष में (13-15 gm ) और स्वस्थ महिला में (१०-१२ gm )तक रहता है। लेकिन आप कपालभाि रोज करते हैं तो इसकी मात्रा 17 gm तक भी बढ़ सकती है | 

अगर आप के अन्दर खून  की मात्रा सामान्य या सामान्य से थोडा अधिक रहता है, तो आप बिमार कम पड़ते है थकान का अनुभव भी कम होता है।जिन महिलाओं में खुनी की कमी होती है  उन महिलाओं को कपालभाति अवश्य करना चाहिए।

फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ता है : कपालभाति करने से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है। फेफड़े  सही प्रकार से कार्य करते है | जब हम डीप ब्रीथिंग (गहरी सांस )लेते या छोड़ते है तो हमारे फेफड़े प्रभवित होते है | 

 बांझपन की समस्या में लाभकारी : कपालभाति महिलाओ के लिए भी बहुत लाभकारी होता है। महिलाओं में बांझपन की समस्या की खत्म करने में कपालभाति लाभकारी होता है। महिलाओ को बहुत सारे फायदे होते है | 

थयरॉइड में छुटकारा : जिन व्यक्तियों को थयरॉइड की समस्या रहती है, उनके लिए कपालभाति बहुत फायदेमंद होता है। थयरॉइड जेनटिक भी हो सकता है। किसी भी प्रकार के थयरॉइड ठीक करने में कपालभाति आपकी मदद करता है |

दवाइयों  के साथ अगर आप ६ महीने तक कपालभाति करते हैं तो आगे कि जिन्दगी में आपका दवाइयों का सहारा नहीं लेना पड़ेगा | 

तनाव कम करता है: कपालभाति से तनाव  कम होता है। व्यक्ति समस्याओं को आसानी से सुलझा लेते हैं। अगर जो व्यक्ति कपालभाति या कोई और योगासन प्रणायाम करता है। तो  व हमेशा तनाव मुक्त जीवन जीता है | 

मेटाबोलिजम बढ़ता है : कपालभात करने से व्यक्ति में चयापचय (मेटाबोलिजम) बढ़ता है जिसे हमारा वजन सामान्य रहता है। चयापचय शरीर में ना ज्यादा मात्रा में होना चाहिए और ना ही कम ।

चेहरे पर तेज : कपालभाति करने से शरीर के अन्दर तथा बाहर चेहरे पर दोनों पर लाभकारी प्रभाव पड़ता है। कपालभाति से  चेहरे पर तेज, और चमक आती है। , जिससे व्यक्तिव और आकर्षक दिखता है।

हाइट बढ़ती है : कई लोग सोचते हैं कि कपालगाति बैठ कर करते हैं तो मांसपेशियों पर ज्यादा असर नहीं पड़ता तो हाइट बढ़ाने में कैसे मददकार होगी। लेकिन कपालभाति करने से हमारा गोरथ होसमास  बढ़ता है। जिससे हाइट बढ़ती है | 

आयरन, कैशियम की पूर्ति:  कपालभाति करने से शरीर में आयरन कैल्शियम की मात्रा की भी  पूर्ति होती है।

दिमाग तेज होता है : कपालभाति से दिमाग स्वस्थ और तेज होता है। जब हम झटके से सांस को बाहर निकालते हैं तो दिमाग में जमा हुआ नैनोकण  जो हानिकारक  होते हैं बाहर निकलता है।

जैसे जब हमें  जुखाम होता है तो हम जोर से सांस  को बाहर छोड़ते है जिससे गंदगी बाहर निकलती है। वैसे ही कपालभाति करने से शुद्ध, वायु अन्दर और सांस के साथ विषैल-कण बाहर निकलता है। कपालभाति दिमागी स्वस्थ्य के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है | 

रक्त संचार बढ़ता है : कपालभाति में जब हम सांस अन्दर लेते और छोड़ते हैं। शरीर में रक्त संचार बढ़ता है। शरीर को ज्यादा मात्रा में शुद्ध ऑक्सीजन मिलता है | रक्त सुद्ध ऑक्सीजन  के साथ सारे शरीर में  पहुंचाता है। ज्यादा ऑक्सीजन मिलने से रक्त संचार प्रणाली  का कार्य क्षमता भी बढ़ता है ।

साइनस , डायबिटिक ,अस्थमा में लाभकारी : कपालभति करने से शरीर के अनेक बिमारियों से छुटकारा मिलता है। कपालभाति सारनस की  समस्या को भी खत्म करती है| 

कपालभाति से  डायबिटीज वाले मरीजों को भी आराम मिलता है आज के समय में अस्थमा जिसमें व्यक्ति को सांस लेने में समस्या आती है|  कपालभाति  करने वाले लोगों को साइनस , डायबिटिक ,अस्थमा से राहत मिलता है

नींद ना आने की समस्या से भी निजाद  दिलाता  हैं कपालभाति जिन व्यक्तियो को नींद से जुड़ी समस्या रहती है उनको कपालभाति अवश्य करना चाहिए जो लोग कपालभाति करते हैं उनके चेहरे पर हमेशा खुशी का भाव रहता है। व्यक्ति खुश रहना सिखता है।

लीवर कडनी से जुड़ी समस्याओं में भी कपालभाति लाभकारी होता है। लीवर कडनी की कार्य क्षमता बढ़ती है ।

कपालभाति करने से वात  पित कफ खत्म होता है।

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