gomukhasana in hindi | गोमुखासन | गोमुखासन के फायदे

गौमुखासन – gomukhasana in hindi

गौमुखासन : तीन शब्द के मेल से बना है। गौ का अर्थ गाय और मुख का अर्थ मुहँ और आसन का मुद्रा होता है|  अर्थात गाय के मुँह के सामान मुद्रा या आकार वाला योगासन |

गौमुखासन करते समय आपका शरीर गाय के मुँहँ के जैसा दिखाई देगा | गौमुखासन हठ योग के श्रेणी में शामिल हैं। गौगुसासन करने से शरीर के कई सारे रोगों से छुटकारा मिलता है।

कमर दर्द, रीढ़ की हड्डी मे दर्द आदि में बहुत लाभकारी है। योगासन हमारे जीवन में कई सारे आने वाले रोगो से हमारी रक्षा करता है |  गौमुखासन हठ योग है तो आपको इस योगासन को करने में थोड़ी परेशानि हो सकती है| लेकिन नियमित अभ्यास से आप इस में निपूर्ण हो सकते है।

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gomukhasana in English 

गौमुखासन करते समय आपका शरीर गाय के मुख के सामान दिखाइ देता है। इस लिए गोमुखासन को अंग्रेजी में Cow face Pose कहते है।

गौमुखासन कैसे करे – gomukhasana in hindi

गौमुखासन करते समय बिगिनर्स को थोडी परेशानी हो सकती है । गौमुखासन करने समय अपने पैर और हाँथो की  मुद्रा ध्यान पूर्वक करे। दोनों जाधो को एक दुसरे पर क्रास करके दोनो दूसरे के ऊपर होना चाहिए |

दोनों हाथो को पीछे पीठ के मध्य में मिलाएँ | एक हाथ बाजु के ऊपर से और दूसरा हाथ नीचे कमर के पास से पीठ पर ले जाए शरीर पर ज्यादा दबात ना दे | गौमुखासन में पैर और हाथ का ही ज्यादा प्रयोग होता है ।

गौमुखासन का अन्य नाम

Cow Face Pose के नाम से भी जाना जाता है गौमुखासन को।

गौमुखासन करने से पहले ये आसन करे 

गौमुखासन करने से पहले बुद्ध कोणासन वीरासन, तितली आसन करना लाभदायक माना जाता है । ये आसन करने से आपका शरीर गौमुखासन करने के लिए प्रयाप्त तरिके से तैयार हो जाता है | गोमुखासन करने में कोई परेशानी नहीं होगी | गौमुखासन के बाद गुरुणासन, पहासन करे शरीर के लिए फायदेमंद रहेगा ।

गोमुखासन करते समय कुछ बातें ध्यान में रखे 

  सुबह के समय करे गौमुखासन : गौमुखासन सुबह के समय करना ज्यादा फायदेमंद रहता है। कोशिश करें कि सुबह का कुछ समय योगासन के लिए निकाल पाए |

सुबह के समय 40 मिनट किया गया योगासन अपको पूरे दिन तरोताजा रखता है। कई बीमारी से अपकी रक्षा करता है कमर  दर्द, थकान, तनाव आदि से छुटकारा मिलता है | 

गौमुखासन को खाली पेट करे। सुबह के समय शौच आदि के बाद सबसे अच्छ समय होता है योगासन करने का | 

गौमुखासन करते समय, ढील और आरामदायक कपड़े ही पहने | 

 महिलाले आभूषण धारण करके योगासन ना करे | 

साफ और स्वच्छ वातावरण को ही गौमुखआसन करे ।

शुरुआत में परेशानी हो रही है तो जलदबाजी या जबदस्ती ना करें।

और पढ़े –  शांभवी महामुद्रा shambhavi mahamudra 

                 मंडूकासन | mandukasana in hindi

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गौमुखआसन करने की विधि / steps of gomukhasana in hindi 

  1. सबसे पहले योगा मेट था चटाई बिछाकर बैठ जाए |
  2. अपने पैरों को क्रास कर ले। दायाँ पैर बाई तरफ तथा बायाँ पैर दाई तरफ मोडकर बैठ जाए | 
  3. घुटने और जाधो को एक दूसरे के ऊपर रखें 
  4. पैर के पंजो को बाहर हिप के पास रखें नितंब से सटा कर रखे  ।
  5. अब हाथो को पीठ पर ले जाकर आपस में मिलाए | 
  6. एक हाथ कंधे के ऊपर से ले जाए दूसरे नीचे कमर के पास से लें जाए | 
  7. अब दोने को आपस में मिलाए | 
  8.  गर्दन को सीधा सामने की तरफ रखे
  9. छाती आगे की तरह जाएगी 1
  10.  कंधे पर दबाव पड़ेगा | 
  11.  सांस को सामान्य रखें ।
  12. चेहरे पर मुस्कुराहत रखें।

गौमुखोसन करते समय बरती जाने वाली सावधानियाँ

  1.  किसी गंभीर रोग से ग्रस्त व्यक्तियों को गौमुखासन नहीं करना चाहिए।
  2. जिनके बगसीर से खून आता हो उनको  भी गौमुखासन करने से बचना चाहिए ।
  3. मासिक धर्म में और गर्भाव्यस्था के दौरान गौमुखासन ना करें और करे भी तो डॉक्टर की सलाह पर ही करें ।
  4. हाथ में कोई फैक्चर हुआ हो तो गौमुखास आसन ना करे।
  5.  हाई ब्लड प्रेसर  वाले रोगी भी योगा प्रशिक उपस्थित में ही  करे ।
  6.  घुटनों में कोई चोट की समस्या हो तो गौमुखासन नहीं करना चाहिए क्योकि घुटनों पर दबाव पड़ता है, जिससे दर्द बढ़ सकता है | 
  7.  गौमुखासन करते समय जल्दबाजी न करे | 

गोमुखासन के फायदे /Benefits of gomukhasana in hindi 

गौमुखासन करने के कई सारे लाभ है। गौमुखासन आप अपने daily Yoga Life में शामिल करके अपनी शरीर को स्वस्थ्य रख सकते है कमर दर्द, रीढ़ की हड्डी के दर्द आदि से छुटकारा भी पा सकते है |

 बांहो की मजबूती के लिए :

गौमुखासन करने से बाहों को मजबूती मिलती है इस आसन को करते समय हाथ की मांसपेशियों की मसाज हो जाती है | जिससे यह मजबूत बनते है |

 अस्थमा : अस्थमा वाले रोगियों के लिए भी गौमुखासन बहुत लाभकारी है।
फैफड़ो की एक्सरसाइज होती है जिससे फेफड़ो की कार्यक्षमता बढ़ता है और अस्थमा जैसे से समस्याओं से आपको राहत मिलता है।

 कमर दर्द राहत : गैंमुखासन करनेसे कमर दर्द से भी राहत मिलता है |

यकृत के लाभकारी : इस आसन को करने से यकृत की लिए भी लाभकारी है।  यकृत की कार्यक्षमता बढ़ता है।

 बवासीर मे छुटकारा : इस आसन को करने से बवासीर जैसी समस्या में भी काफी लाभकारी माना जाता है। इसके नियमित अभ्यास से बतासीर को काफी हद तक खत्म किया जा सकता है |

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 सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस  : गौमुखासन करने से  सर्वाडकल स्पान्डिलाइटिस में राहत मिलता है।

 डायबिटिज गौमुखासन करने से शरीर के पेनकियाज को उत्तेजित करता है जिससे शरीर में शुगर की मात्रा समान्य रहती है। इस आसन से डायबिटीज को नियंत्रित किया जा सकता है |

सेक्सुअल प्रोब्लम्स : गौमुखासन के नियमित अभ्यास से लैंगिक समस्या से छुटकारा मिलता है|
 महिलाओं के लिए : इस आसन का सबसे ज्यादा फायदा महिलाओं को होता है। गौमुखासन करने से महिलाओं में लैंगिक समस्या खत्म होती है। मासिक धर्म में नियमितता बना रहता है। दूध पिलाने वाली महिला के
लिए भी लाभकारी  है। महिलाओं को अपने योगासन में गोमुखासन को जरूर शामिल करना चाहिए |

 शरीर में लचक : गौमुखासन करने से शरीर में लचक आती है। शरीर आकृषक दिखता है ।

 कूल्हे में दर्द से राहत : इस आसन के नियमित अभ्यास से कुल्हे के दर्द से राहत

 

गौमुखासन को यह नाम क्यों दिया गया ?

योगासन के पर्वतक महर्षि पतंजलि जी को माना जाता है। उन्होंने अपने द्वारा रचित पुस्तक ‘योग मंत्र’ में जितने भी योगासनों के बारे में बताया है वो सब योगासन प्रकृति में मैजूद किसी जीव, जन्तु  के नाम पर ही रखे गए | प्रत्येक आसन को करते समय आपको शरीर एक विशेष आकार आकृति में दिखाई देता है। इसी आकार आकृति के आधार पर आसनों का नाम रखा गया है |गौमुखासन करते समय आपका शरीर गाय के मुख के सामान दिखाई देता इस लिए  इस आसन को गौमुखासन कहा जाता है

गौमुखासन में शरीर का कौन से अंग गाय के मुंह के सामान दिखाई देता है ?

गौमुखासन करते समय आपका पैर और हाथ एक छोर से पतले तथा दूसरे छोर से मोटे फैला हुआ दिखाई देता है। पैर के घुटने आपसे में मिले होते हैं जबकि पैर एक दूसरे पर क्रास रहता है। जांघ सटे होते हैं तथा पैर के पंजे बाहर के  साइड खुले होते हैं ऐसे में आपके पैर की आकृति गाय के मुख के तरह दिखाई देता है आगे से पतला तथा पीछे के साइड़ चौड़ा |

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