धनुरासन : dhanurasana benefits(bow pose)

धनुरासन ( dhanurasana )धनु का अर्थ धनुष और आसन का अर्थ आकृति | धनुरासन ऐसा योगासन जिसमे व्यक्ति का शरीर धनुष के आकार का  हो जाता है। धनुरासन को bow Pase भी कहते हैं ।

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धनुरासन में सबसे ज्यादा हमारी पीठ प्रभावित होता है। धनुरासन करने से शरीर की मांसपेशियो में खिचाव होता है  जिससे मांसपेशियों की एक्सरसाइज होती है ।

धनुरासन करने से एब्डोमिने  वक्ष , जांघ ,  टकना , कनाली , साओस में खिचाव महसुस करगे | मानव जीवन में भोगासन का महत्वपूर्ण स्थान है। धनुरासन करने से आपके शरीर को कई प्रकार के लाभ प्राप्त होता है।

हमारी पाचन शक्ति मजबूत होती है |   गैस  की समस्या से छुटकारा, पीठ मजबूत होता है । धनुरासन वजन को काम , B.P को सामान्य रखने में भी मदद करता है । धनुरासन में छाती फुलाकर तथा पीठ मोड़कर करते है।

आज के समय में लोगों को कई प्रकार के दर्द जैसे पीठ दर्द , कमर दर्द, रीड की हड़ी में दर्द की शिकायत रहती है धनुरासन इन सब  से छुटकारा मिलता है।
धनुरासन करते समय बस ये ध्यान रखे की आप का शरीर मूड के धनुष का आकार में आ जाए।

धनुरासन कौन कौन कर सकते है:-

  1. जिन व्यक्तियों को कब्ज की समस्या ज्यादा रहती है | 
  2. डायबिटीज वाले रोगी | 
  3.  मोटापा अधिक हो, जिनका व्यक्तियों को शरीर में ज्यादा चर्बी  हो गई है।
  4. भूख नही लगाती ।

इन समस्या में धनुरासन बहुत लाभकारी है | धनुरासन सभी के लिए लाभकारी है इसे किसी भी आयु के व्यक्ति कर सकते हैं | 

धनुरासन किसे नहीं करना चाहिए :-

  1. जिन व्यक्तियों की रोड की हड्डी में ज्यादा दर्द या  डिस्क से ज्यादा कष्ट हो तो उनको धनुरासन नहीं करना चाहिए | 
  2.  पेट से सम्बन्धित कोई रोग हो तब भी धनुरासन करने से बचना चाहिए।
  3.  कोलाइटिस वाले और अलसर  प्रभावित वाले व्यक्तियों को भी नहीं करना चाहिए |
  4. जिनको पथरी की शिकायत है वह भी इस आसन को ना करे |
  5. गर्भवती महिला भी इस आसन को ना करे 
  6. हाई ब्लड प्रेसर वाले व्यक्ति योगा प्रशिक्षक से सलाह के बाद ही करें| 
  7.  साइटिक से ग्रस्ती व्यक्ति भी विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही धनुरासन करें।

धनुरासन करने की विधि – dhanurasana kaise karte hain

धनुरासन सामान्य आसनों से थोडा मुश्किल है। इसे कठीन योगासन की श्रेणी में रखा गया है। इसको करने की विधि मश्किल है | लेकिन अगर आप नियमित रूप से धनुरासन का अभ्यास करते है तो आप इसमें निपूर्ण हो सकते हैं।

तो चलिए अब धनुरासन को करने का तरिका जानते हैं। 

  1. सबसे पहले नीचे चटाई बिछा ले।
  2. आपने पेट के बल लेट जाए | 
  3. शरीर को पूरा सीधा रखे | 
  4. अब धीरे धीरे अपने पैर को मोड़कर कर हिप तक लाने की कोशिश करे| 
  5. घुटने जमीने से लगे होने चाहिए |
  6. अब अपने दोनों हाथों से पैरो ,पांजो तथा तलवे को पकड़े ।
  7. सांस लेते हुए गर्दन को ऊपर की ओर उठाए |
  8.  पैर को जितना हो सके ऊपर करने की कोशिश करें |
  9. पूरे शरीर में खिचाव महसूस करेंगे । अपने वजन को पेट पे रखे |
  10. गर्दन छाती के साथ साथ पैर और पीठ भी मोड़े  इस प्रकार आपका शरीर धनुष के आकर के समान हो जाएगा | 
  11. इस स्थिती में शुरुआत में एक मिनट तक रखें। धीरे-धीरे समय को बढ़ाए  धनुरासन करने के बाद आप चक्रासन  कर सकते हैं। ये आसन करने से शरीर को और ज्यादा लाभ मिलता है | 
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 धनुरासन के लाभ –  Benefits of dhanurasana 

पेट की चर्बी कम करता है : धनुरासन करने के कई सारे लाभ हैं। धनुरासन करने से सबसे ज्यादा पेट की चर्बी कम होती है | अगर आपके भी पेट में ज्यादा चर्बी  हो गया है। तो आप अपने दिनचर्या में इस आसन को शामिल करें |

महिने भर में ही आपको धनुरासन करने के फायदे  नजर आने लगेगा | धनुरासन आप के पेट के आस-पास  की चर्बी  को कम करने में मदद करता है ।

कब्ज की समस्या को खत्म करता है  : धनुरासन का दूसरा सबसे बड़ा फायद कब्ज के रोगियां को होता है। आप को  कितना भी पुराना कब्ज की समस्या हो धनुरासन उसे खत्म कर देते है।

कब्ज की समस्या आज के समय में  एक सामान्य समस्या बन गई है। जिससे काफी लोग ग्रसित है। ऐसा  कुछ हमारे खान-पान की वजह से भी होता है । जो व्यक्ति कोई भी योगासन करते है | उन व्यक्ति को कब्ज की समस्या कभी नहीं होती है| 

 महिलाओं  के मानसिक धर्म सम्बंधित रोग :- ‘महिलाओं के मानसिक धर्म में सम्बंधित  रोग जैसी  दर्द अनियमिता को कम करता है जो भी महिलाएं इस समस्या से परेशान  है उनको  धनुरासन करना चाहिए धनुरासन से मानसिक धर्म की अनियमितत खत्म होती है। इस दौरान होने वाली परेशानियों से भी राहत मिलता है ।

गले की रोग में भी राहत : धनुरासन करने से व्यक्ति को गले से जुड़ी समस्या छुटकारा मिलता है। जब हम धनुरासन करते है तो गले में खिचात महसुस  होता है जिससे गले की मांसपेशियों की एक्सरसाइज  हो जाती है। जिन वक्तियों के गले में  समस्या रहती है उनको धनुरासान जरूर करना चाहिए | 

वजन सामान्य : धनुरासन करने वाले व्यक्तियों का वजन सामान्य रहता है । शरीर में चयापचय की मात्रा सही रहती है जिससे वजन भी सामान्य रहता  है |  मोटे लोगों के लिए धनुरासन बहुत लाभकारी होता है | 

 डाइबीटिज में लाभकारी : डाइबीटिज में धनुरासन बहुत लाभकारी माना जाता है क्योकि जब हम धनुरासन करते हैं तो पैन्किरियाज उत्तेजित होता है|  और इन्सुलिन के स्रव में मदद करता है जिसेसे डायबिटीज सामान्य रहता है।

थाइरोइड को कम करता है :  धनुरासन को थाइरोइड की समस्या में काफी लाभकारी माना जाता है |  जिन व्यक्तियों का थाइरोइड ज्यादा रहता है उनको धनुरासन अवश्य करना चाहिए | 

मेरुदंड को लचीला बनता है : नियमित रूप से धनुरासन करने से मेरुदड में लचीला पन आता है। शरीर स्वस्थ रहता है | 

 मुत्र सम्बंधित रोगों से राहत : धनुरासन करने से व्यक्ति को मुत्र सम्बंधित रोगों से राहत मिलता है 

एसिडिटी शब्द डकार से छुटकारा : जिन व्यक्तियों को एएसिडिटी या खट्टी डकार की समस्या ज्यादा रहती है उनके लिए धनुरासन रामबाण इलाज है। धनुरासन करने से एक महिने के अन्दर एसिडिटी खट्टी डकारों से छुटकार मिल जाएगा।

मांसपेशियो का व्यायाम :  धनुरासन करने से पूरे शरीर में खिचाव महसुस होता है ऐसे में शरीर के बहुत सारी मांसपेशियों  का व्यायाम भी हो जाता है। मांसपेशिया एकटिव हो कर कार्य करती है जिससे व्यक्ति में थकान कम होता है।

पाचनशक्ति बढ़ती है : कई व्यक्तयो का पाचन तंत्र कमजोर होता है। खाया पिया उनके शरीर में लगता ही नहीं। ऐसे  व्यक्तियों की धनुरासन नियमित रूप से करना चाहिए |  धनुरासन करने से पाचन तंत्र मजबूत बनता है शक्ति बढ़ती है। व्यक्ति सुस्त नहीं  दिखता एक्टिव रहता है| 

 भुख की समस्या में लाभकारी : धनुरासन करने से भूख से जुडी सारी समस्या खत्म होती है जैसे बार-बार भूख लगना | भूख का ना  लगना दोनो ही समस्या में लाभकारी है  जिन व्यक्तियों को ऐसी  समस्याएँ होती  उनको धनुरासन अवश्य करना चाहिए ।

कोर्टिसोल हार्मोन को कम करता है जिससे अस्थमा जैसे रोग कम होते हैं ।

वृक्क के संक्रमण से भी बचाता है।

धनुरासन करने से व्यक्ति चिंता अवसाद को भी कम करता है। आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति को किसी ना किसी प्रकार की चिंता, तनाव में  बना रहता है। ऐसे में धनुरासन बहुत लाभकारी माना जाता है।

कमर दर्द में लाभकारी : धनुरास करना कमर दर्द में बहुल फायदेमंद होता है । लेकिन आप के कमर में ज्यादा दर्द की हो तो धनुरासन  ना करें।

सावधानियां :-

 धनुरासन करते समय कुछ विशेष बातो  का ध्यान रखना पड़ता है। ताकि आसन करते समय या बाद में आपको किसी प्रकार की कोई समस्या न हो 

आप हमेशा धनुरासन स्वच्छ वातावरण में करे।आप  खुली हवा में छत पर या पार्क में भी कर सकते है| 

 जल्दबाजी ना करे। धनुरामन करने में थोडा कठिन है, इसलिए ध्यान रहे कि आसन करते समय जल्दबाज़ी  नहीं करना  है जल्दी के चकर में धनुरासन से  आपका नुकसान भी हो सकता है |

धनुरासन के प्रक्रिया का शुरुआत में 2 या 3 बार  1 मिनट के लिए करे । धीरे-धीरे समय को बढ़ाया । लाभ प्राप्त करने  के चकर के में ज्यादा समय तक ना करें ।

 जो भी महिला मासिक धर्म या गर्भव्व्स्थ में है उनको धनुरासन नहीं करना चाहिए | 

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