ध्यान योग : Dhyan yog in hindi

Dhyan yog in hindi : ध्यान योग

ध्यान योग ध्यान का अर्थ होता है किसी भी एक विषय के बारें में ध्यान लगाकर अपने मन को  एकाग्र  करना ही ध्यान कहलाता  है। अपने मन के नकारत्मक विचारो का त्याग करना | मन को अपने बस में करना मानसिक शांति को पाने के लिए ध्यान योग किया जाता है  ध्यान योग भारत वर्ष में बहुत समय पहले से किया जाता रहा है | 

ध्यान करने के लिए आप पद्मासन, सिद्धासन, स्वस्तिकासन अथवा सुखासन सभी आसन में से आप किसी भी एक आसन का प्रयोग कर के आप  dhyan yog कर सकते है | आप चाहे  प्रातःकाल , संध्या , रात्रि तिनों समय में जब भी आपको टाइम मिले आप ध्यान योग कर सकते है । 

ध्यान योग
ध्यान योग

dhyan yog करने की विधि 

ध्यान योग करने के लिए आप किसी साफ और शांत जगह पर आसन लगकर बैठ जाएं | आप चाहे पद्मासन, सिद्धासन, स्वस्तिकासन अथवा सुखासन में से किसी भी आसन में बैठ के ध्यान योग कर  सकते है |

ध्यान  लगाने के लिए आपको सबसे पहले अपने मन को शांत करना होगा। अपने सभी विचरो  को खुद से दूर करना भी जरूरी है। तब  जाकार आप  ध्यान योग में ध्यान लगा सकते है

ध्यान योग में हमें किसी भी एक गुरू, इश्वर, मूर्ति  आदि का धारण करके अपने मन को एक जगह एकाग्र करना होता है ।  उनका  ध्यान करते करते हम ईश्वर में  लिन हो जाते हैं।  उसे ध्यान कहते है ।

किसी भी ध्यान में हम ईश्वर का ध्यान करके मन को  स्थिर करते है तो उसको  सकार ध्यान कहते है |  किसी भी धारण का आधार लिए बिना मन को  स्थिर करना निराकार ध्यान कहलाता है। आप चाहो  तो में ध्यान योग में ध्यान के  साथ- साथ  प्राणायाम , नामस्मरण (जप) का भी प्रयोग कर सकते है ।

ध्यान योग में आप चाहे तो अपने हिर्दय पर भी ध्यान केंद्रत कर सकते हैं|  ललाट के बीच मे भी आप ध्यान लगा सकते हैं, आप चाहे तो अपने गुरु और ईश्वर का भी ध्यान कर सकते है |

अपने आत्मा में भी आप ध्यान केन्द्रित कर सकते है आप ध्यान के साथ-साथ  किसी मंत्र का जाप भी कर सकते हैं ऐसा करने से आपको ध्यान योग में  लाभ मिलेगा आपको ध्यान लगाने  में आसानी होगी। आप अपने गुरु ओर अपने मन के अनुसार किसी भी  पद्धति का प्रयोग करके ध्यान लगा  सकते है | 

ध्यान योग करने में आने वाली परेशानिया 

शुरू कीं ध्यान  योग करते समय आपकों अनेक प्रकार की परेशानियों होगी| 

ध्यान योग के शुरुआत में आप अपने विचरो को अपने बस में नहीं कर पाएगे आपका ध्यान बार बार अपनी जगह से हट जाएगा | 

आपका मन भी  शांत नहीं हो पाएगा शुरू शुरू  में |

आपका ध्यान बार-बार अपने लक्ष्य से हट जाएगा | 

लंबे समय तक बैठने में आपको परेशानि का समना करना पड़ सकता है | 

आप का मन बार बार विचलित होगा ।

अगर आप इन सभी  बातों को दरकिनार करके आपरोजाना अभ्यास के बाद आप अपने मन को स्थिर कर सकते हैं। ध्यान का अभ्यास लगतार करने सें की मन को  शांति मिलती है।

आप जब ध्यान योग के साधक बन जाएंगे तो आपको अपने आसपास की किसी भी वस्तु , वातावरण को भूल कर ध्यान में मगन  रहेगें आपको समय का भी पता नहीं चलेगा | ध्यान योग करने से से आपकों अनेकों लाभ प्राप्त होगें।

ध्यान योग
ध्यान योग

 dhyan yog ke fayde – ध्यान योग के लाभ 

ध्यान योग करने के अनेक लाभ होते हैं जैसे आपको किसी भी कार्य को करने में  एग्रता बनी रहेगी।

मन मे शांती बनी रहेगी।

ध्यान करने  सें कार्य करने में कुशलता आएगी।

 किसी भी कार्य को आप सफलता पूर्वक कर सकते है | 

 शरीर में ऊर्जा बनी  रहेगी।

आपका ध्यान किसी काम से नहीं हटेगा आप पूरा मन लगा के किसी भी कार्य को कर सकते है

ध्यान योग मैं आप योग का भी प्रयोग करते है  जिसे आपके शरीर को  अनेकों लाभ मिलते हैं?

शरीर सवस्थ बना रहता  है 

कार्य करने में कुशलता आती है।

अपने अंदर के सारे गलत विचारों को भी ध्यान योग से दूर किया जा सकता है।

निष्कर्ष

ध्यान लगाने  के साथ-साथ योग की मुद्रा  का प्रयोग ध्यान योग दोनों को एक साथ ले के किया जाता है। आप ध्यान योग को  चार आसनों के साथ कर सकते हैं।

पद्मासन, सिद्धासन, स्वस्तिकासन अथवा सुखासन आपको अनेक लाभ की प्राप्ति होगी। ध्यान योग  में आप अपने मन को शांत  रखते हुए किसी का ध्यान करते हैं। किसी भी एक जगह ध्यान लगने को ही ध्यान योग कहा जाता है।

ध्यान योग करने से अनेक लाभ होते हैं।

अगर आप ध्यान  योग का रोजाना अभ्यास करते है तो  शुरू में आपको कुछ कठनाईओ का सामना करना पढ़ सकता है। शुरू में आपका मन शांत नहीं होगा । आपका ध्यान एक  जगह पे केन्द्रित नहीं होगा |  मन विचलित होता रहेगा | लंबे समय तक बैठने में भी आपको समस्या आयगी  । लेकिन इसका रोजाना सद्‌भास करने में कुछ समय बाद आपको अपने अंदर बदलाव देखने  को मिल जायगा | 

ध्यान योग कब करना चाहिए?

ध्यान योग आप अपनी सुबिधा के अनुसार प्रातःकाल , संध्या , रात्रि कभी भी कर सकते है |

ध्यान करते समय क्या सोचना चाहिए?

ध्यान करते समय आपको अपने अंदर के सभी नकारत्मक विचरो को खुद से अलग करके बस अपने गुरु ,ईश्वर आत्मा पे सारा ध्यान लगते है जितना हो सके अपने मन को शांत रखना चाहिए बस आपको उसके बारे म सोचना है जिसपे आप ध्यान लगा रहे हो |

पढ़ाई में ध्यान कैसे लगाएं?

ध्यान लगाने में सबसे पहले आपको अपने रूचि के बारे में पता होना चाहिए जिसे आपको ध्यान लगाने में आसानी होगी ध्यान योग के रोजाना अभ्यास करने से पढ़ाई में ध्यान लगाने में आसानी होती है |

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